
हजारीबाग। आर्ट ऑफ लिविंग हजारीबाग चैप्टर के तत्वावधान में चार दिवसीय एडवांस लेवल ध्यान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक एवं ध्यान शिविर का आयोजन हजारीबाग के सिलवार की तलहटी में स्थित तथास्तु फार्म्स (Tathavastu Farms) के प्राकृतिक एवं शांत वातावरण में किया गया, जिसमें लगभग 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर आध्यात्मिक साधना और आत्मिक शांति का अनुभव प्राप्त किया।
यह चार दिवसीय शिविर स्वामी ब्रह्म चैतन्य के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयोजित किया गया। उनके निर्देशन में प्रतिभागियों ने ध्यान, प्राणायाम, मौन साधना तथा आंतरिक आत्मचिंतन जैसे विभिन्न आध्यात्मिक अभ्यासों में भाग लिया। स्वामी ब्रह्म चैतन्य ने अपने प्रवचनों के माध्यम से बताया कि मनुष्य के भीतर असीम शक्ति और संभावनाएं निहित होती हैं, जिन्हें जागृत करने के लिए ध्यान और साधना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एडवांस कोर्स का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को अपने भीतर की शक्ति का अनुभव कराना और मानसिक शांति के साथ जीवन को संतुलित बनाना है।
इस चार दिवसीय शिविर में प्रतिभागियों को मौन साधना (Silence Meditation) का विशेष अभ्यास कराया गया। मौन साधना के माध्यम से व्यक्ति स्वयं को बेहतर ढंग से समझ पाता है और अपने विचारों तथा भावनाओं पर नियंत्रण करना सीखता है। शिविर में शामिल प्रतिभागियों ने बताया कि इस अभ्यास से उन्हें मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर तथास्तु फार्म्स का वातावरण इस आध्यात्मिक कार्यक्रम के लिए अत्यंत अनुकूल रहा।
चारों ओर हरियाली, शुद्ध वायु और शांत वातावरण के बीच प्रतिभागियों ने ध्यान और साधना के साथ प्रकृति के सान्निध्य का भी आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोगियों ने सेवा भाव (Seva) के अंतर्गत कैंपस की साफ-सफाई की, जिससे प्रतिभागियों में सामूहिकता और जिम्मेदारी की भावना का विकास हुआ।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों के लिए कई मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न प्रकार के समूह खेल (Group Activities) शामिल थे, जिनका उद्देश्य प्रतिभागियों के बीच आपसी संवाद, सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाना था। इसके अलावा प्रतिदिन सत्संग का आयोजन भी किया गया, जिसमें भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक चर्चाओं के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय और आनंदमय बनाया गया।
इस शिविर में प्रतिभागियों को हर्बल टी का आनंद लेने का अवसर भी मिला, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। साथ ही सभी प्रतिभागियों के लिए सात्विक भोजन की विशेष व्यवस्था की गई थी। सात्विक भोजन शरीर और मन दोनों को शुद्ध और संतुलित रखने में सहायक माना जाता है, जिससे ध्यान और साधना में एकाग्रता बढ़ती है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में जिला समन्वयक सह शिक्षक पूनम जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पूरे शिविर के आयोजन, समन्वय और व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया। उनके प्रयासों से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल और प्रेरणादायक साबित हुआ। पूनम जायसवाल ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के इस प्रकार के कार्यक्रम लोगों को तनावमुक्त जीवन जीने, सकारात्मक सोच विकसित करने और समाज में सेवा की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस शिविर के आयोजन में तथास्तु फार्म्स के मालिक रौनक ग्रोवर और रक्षित ग्रोवर का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने इस आध्यात्मिक कार्यक्रम के लिए अपने फार्म परिसर को उपलब्ध कराया तथा प्रतिभागियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कीं। उनके सहयोग के कारण ही प्रतिभागियों को प्राकृतिक वातावरण में एक सुखद और प्रेरणादायक अनुभव प्राप्त हुआ।
शिविर में शामिल प्रतिभागियों ने बताया कि चार दिनों तक मौन साधना, ध्यान और सत्संग के माध्यम से उन्हें अपने भीतर की शांति और ऊर्जा को महसूस करने का अवसर मिला। कई प्रतिभागियों ने कहा कि इस शिविर ने उन्हें जीवन को नई दृष्टि से देखने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
आर्ट ऑफ लिविंग संस्था लंबे समय से योग, ध्यान और सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही है। हजारीबाग में आयोजित यह चार दिवसीय एडवांस लेवल ध्यान शिविर भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों को भविष्य में भी निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कुल मिलाकर, प्रकृति की गोद में आयोजित यह चार दिवसीय शिविर प्रतिभागियों के लिए एक आध्यात्मिक, मानसिक और सामाजिक रूप से समृद्ध अनुभव बनकर सामने आया। ध्यान, मौन साधना, सत्संग, सेवा और सात्विक जीवन शैली के संदेश के साथ यह कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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