पाकुड़ जिले के पाकुड़िया प्रखंड परिसर में बुधवार को किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विशेष किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी के लिए आसान और सुलभ ऋण उपलब्ध कराना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय स्टेट बैंक की ओर से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
शिविर का संचालन भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक श्री शोभित अभिनीत हेरेंज के नेतृत्व में हुआ, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अग्रणी प्रबंधक श्री अमित कुमार सिंह ने की। इस मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री सोमनाथ बनर्जी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी श्री सुब्रतो दास, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, कृषि मित्र एवं क्षेत्र के सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने किसानों को खरीफ फसल की बुवाई से पहले केसीसी ऋण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से वे बीज, खाद, कीटनाशक एवं अन्य कृषि जरूरतों के लिए आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इससे न केवल उन्हें समय पर वित्तीय सहायता मिलती है, बल्कि खेती की लागत भी कम होती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों ने केसीसी ऋण पर मिलने वाली ब्याज दरों में छूट, समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त लाभ तथा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित सब्सिडी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। इसके साथ ही, समय-समय पर सरकार द्वारा घोषित ऋण माफी योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई, जिससे वे इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
अधिकारियों ने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में खेती को लाभकारी बनाने के लिए संस्थागत ऋण लेना जरूरी है। केसीसी के जरिए किसान साहूकारों के चंगुल से बच सकते हैं और कम ब्याज दर पर बैंक से ऋण लेकर अपनी कृषि गतिविधियों को आगे बढ़ा सकते हैं।
शिविर में उपस्थित किसानों ने भी अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं खुलकर रखीं। किसी ने ऋण स्वीकृति में आने वाली दिक्कतों के बारे में पूछा, तो किसी ने सब्सिडी और फसल बीमा से संबंधित जानकारी ली। बैंक अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने मौके पर ही सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया।
इस दौरान कई किसानों ने केसीसी के लिए आवेदन भी किया, जिससे यह साफ हुआ कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने में बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। अंत में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
पाकुड़िया प्रखंड में आयोजित यह विशेष केसीसी शिविर किसानों के लिए न सिर्फ लाभकारी साबित हुआ, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी माना जा रहा है।
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