जामताड़ा में बैंकों के खराब प्रदर्शन पर उपायुक्त आलोक कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों से सरकारी खाते और सरकारी राशि हटाकर बेहतर काम करने वाले बैंकों में स्थानांतरित कर दी जाएगी. यह चेतावनी खास तौर पर किसान क्रेडिट कार्ड अभियान, ऋण वितरण और जिले के बेहद खराब सीडी रेशियो को लेकर दी गई. उपायुक्त ने साफ कहा कि बैंकों की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कई बैंकों के प्रदर्शन बेहद कमजोर
उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित त्रैमासिक जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में जिले की बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक के दौरान कई बैंकों का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया गया. 20 मई तक चल रहे किसान क्रेडिट कार्ड अभियान की समीक्षा में सामने आया कि अब तक केवल 214 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं. कई बैंकों का प्रदर्शन शून्य रहने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई. बिना सूचना बैठक से अनुपस्थित रहने वाले बैंक प्रतिनिधियों से स्पष्टीकरण मांगने का भी निर्देश दिया गया.
जमा राशि बढ़ रही लेकिन ऋण वितरण की रफ़्तार धीमी
बैठक में जिले के सीडी रेशियो यानी क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो की स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई. उपायुक्त ने बताया कि जामताड़ा इस मामले में पूरे राज्य में सबसे निचले पायदान पर है. उन्होंने कहा कि बैंकों में जमा राशि लगातार बढ़ रही है, लेकिन ऋण वितरण की रफ्तार बेहद धीमी है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वित्त विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा. साथ ही बैंकों को शिक्षा ऋण और सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत ऋण वितरण बढ़ाने का निर्देश दिया गया.
जिले में हर क्षेत्र में हो बैंकिंग सुविधा: डीसी
बैठक में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार को लेकर भी निर्देश दिए गए. अगले छह महीनों में जिले के ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने को कहा गया, जहां अब तक बैंक शाखा या एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है. वहां बैंकिंग सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया. पीएमएफएमई और मुद्रा लोन योजना के तहत ऋण वितरण में बैंकों के ढुलमुल रवैये पर भी नाराजगी जताई गई. उपायुक्त ने कहा कि बैंक ऋण देने में अनावश्यक आनाकानी बंद करें और पात्र लोगों को समय पर लाभ उपलब्ध कराएं. मुद्रा योजना के तहत शिशु, किशोर और तरुण श्रेणी के आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया.
आम लोगों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हो: डीसी
नीलाम पत्र वाद से जुड़े लंबित मामलों के जल्द निष्पादन के लिए बैंकों को अंचल अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा डिजिटल बैंकिंग के प्रति लोगों को जागरूक करने और एसबीआई आरसेटी (RSETI) के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी बल दिया गया. उपायुक्त ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और ग्राहकों को अनावश्यक रूप से बैंक के चक्कर न कटवाए जाएं. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले महीने होने वाली समीक्षा बैठक में यदि सुधार नहीं दिखा तो संबंधित बैंकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
Leave a comment