
बोकारो/मुंबई: दर्दनाक हादसे के बाद जब एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, तब मानवता और सामाजिक एकजुटता की मिसाल बनकर सामने आया नव झारखंड फाउंडेशन। झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अम्बाडीह गांव निवासी प्रवासी मजदूर कमलेश महतो की मुंबई में सड़क दुर्घटना में मौत के बाद फाउंडेशन ने न सिर्फ परिवार का संबल बना, बल्कि अथक प्रयास कर मृतक परिवार को ₹4 लाख का मुआवजा भी दिलाया।
जानकारी के अनुसार, कमलेश महतो नई मुंबई क्षेत्र में स्थित एपीएस कंपनी में वाहन चालक के रूप में कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान वाहन में तकनीकी खराबी आने के कारण हुए भीषण सड़क हादसे में उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया। कमलेश अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चियों को छोड़ गए, जिनके सिर से अचानक पिता का साया उठ गया।
घटना की जानकारी मिलते ही नव झारखंड फाउंडेशन की डोंबिवली शाखा तुरंत सक्रिय हुई। फाउंडेशन से जुड़े विश्वास यादव, नारायण महतो, खेमू महतो, सहदेव महतो, खेमलाल महतो और दिनेश गुप्ता सहित कई समाजसेवियों ने कंपनी प्रबंधन से लगातार वार्ता की, दबाव बनाया और आखिरकार पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता दिलाने में सफलता हासिल की। इतना ही नहीं, बीमा राशि मिलने तक परिवार की तत्काल जरूरतों को देखते हुए ₹25 हजार की सहायता राशि भी खाते में उपलब्ध कराई गई।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में रह रहे झारखंडवासियों की एकजुटता ने यह साबित कर दिया है कि विपत्ति की घड़ी में समाज ही सबसे बड़ा सहारा बनता है। लोगों का कहना है कि अगर सामाजिक संगठन इसी तरह आगे आते रहें, तो संकट में घिरे परिवारों को नई उम्मीद मिल सकती है।
साथ ही समाजसेवियों ने सरकार से प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, बीमा और आपदा सहायता को लेकर मजबूत एवं प्रभावी नीति बनाने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी त्रासदी के बाद असहाय न होना पड़े।
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