
हजारीबाग/बरही: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और झारखंड की अस्मिता के प्रतीक रहे गुरुजी शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर बरही चौक में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हजारों की संख्या में झामुमो कार्यकर्ता एवं समर्थक शामिल हुए। इस अवसर पर बरही चौक का नाम “शिबू सोरेन चौक” रखे जाने पर लोगों ने इसे झारखंड के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया।
कार्यक्रम में झामुमो के कटकमसांडी प्रखंड उपाध्यक्ष राजा खान ने गुरुजी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि शिबू सोरेन ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन संघर्ष में समर्पित किया। उनके आदर्श आज भी झारखंड की नई पीढ़ी को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि बरही चौक का नाम गुरुजी के नाम पर रखा जाना उनके संघर्ष, त्याग और झारखंड के प्रति उनके अमूल्य योगदान का सम्मान है।
राजा खान ने कहा कि गुरुजी की सोच और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही झारखंड का समग्र विकास संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गुरुजी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उनकी सक्रिय भागीदारी और संगठनात्मक भूमिका विशेष रूप से चर्चा का विषय रही।
श्रद्धांजलि सभा के फोटो में कांग्रेस नेता साजिद खान भी शामिल दिख रहे हैं और इन लोगों के सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान झारखंड आंदोलन और गुरुजी के योगदान को याद करते हुए वातावरण श्रद्धा और सम्मान से ओत-प्रोत रहा। हजारों समर्थकों की उपस्थिति ने गुरुजी के प्रति लोगों की गहरी आस्था और सम्मान को एक बार फिर प्रदर्शित किया।
Leave a comment