
हजारीबाग: उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आपूर्ति विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न उठाव एवं वितरण, डोर स्टेप डिलीवरी तथा आगामी धान अधिप्राप्ति सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र एवं जरूरतमंद लाभुक तक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए।
बैठक में भारतीय खाद्य निगम एवं राज्य खाद्य निगम के गोदामों की स्थिति, प्रखंडवार खाद्यान्न उठाव, डोर स्टेप डिलीवरी तथा जन वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन वितरण की प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने राशन कार्ड डिलीशन कार्य को गंभीरता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि अपात्र लाभुकों के नाम हटाकर वास्तविक पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने सभी लाभुकों के शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ई-केवाईसी के माध्यम से वास्तविक लाभुकों की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और अपात्र व्यक्तियों को लाभार्थी सूची से हटाया जाएगा।
उपायुक्त ने दारू, डाडी एवं चौपारण प्रखंड में प्रस्तावित गोदाम निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए योग्य कार्यकारी एजेंसियों के माध्यम से निर्माण कार्य को गति देने का निर्देश दिया। आगामी धान अधिप्राप्ति सत्र को लेकर उन्होंने पैक्स एवं लैम्प्स के चयन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा, ताकि जिले के प्रत्येक टोला एवं गांव को प्रभावी रूप से कवर किया जा सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अगली बैठक तक पैक्स एवं लैम्प्स के चयन का प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजने का निर्देश दिया। चयनित संस्थाओं का आकलन जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि धान अधिप्राप्ति की सभी तैयारियां पहले से पूरी रहें, जिससे किसानों को फसल बेचने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री मुरली यादव ने विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तृत जानकारी उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की। आरसीएमएस, डोर स्टेप डिलीवरी, जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं की स्थिति, चना, दाल, चीनी एवं नमक वितरण, गोदामों की उपलब्धता, सोना-सोबरन योजना, मिट्टी तेल वितरण तथा सफेद एवं ग्रीन राशन कार्ड की स्थिति से संबंधित बिंदुओं पर उन्होंने विस्तार से जानकारी दी।
विभागीय कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग, योजनाओं की प्रगति पर नजर रखने तथा आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव की सक्रियता और तत्परता बैठक में विशेष रूप से देखने को मिली। उनके द्वारा विभागीय योजनाओं की जमीनी स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने की कार्यशैली की सराहना की गई। आगामी धान अधिप्राप्ति को लेकर भी उनकी सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं सीधे आम लोगों और किसानों से जुड़ी हैं, इसलिए इसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में उपायुक्त श्री हेमन्त सती, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री मुरली यादव, एजीएम, बीएसओ सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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