
कटकमसांडी(हजारीबाग): कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत पेलावल उत्तरी पंचायत में गुरुवार को मानव सेवा और सामाजिक सरोकार की अनूठी पहल रोटी बैंक के नए कार्यालय भवन का उद्घाटन समारोहपूर्वक किया गया। कार्यालय का उद्घाटन संयुक्त रूप से पेलावल दक्षिणी की मुखिया नूरजहां, पेलावल उत्तरी के मुखिया अखलाक अंसारी एवं पूर्वी जिला परिषद सदस्य मंजू नंदिनी ने फीता काटकर किया।
रोटी बैंक के संस्थापक मोहम्मद खालिद के अथक प्रयास और लंबे संघर्ष का परिणाम है कि अब जरूरतमंदों की सेवा के लिए रोटी बैंक को अपना स्थायी कार्यालय मिल गया है। बताया गया कि इस भवन का निर्माण सरकार की 15वें वित्त योजना के तहत कराया गया है। मोहम्मद खालिद ने अपनी मेहनत, लगन और सेवा भावना से रोटी बैंक की मुहिम को लगातार आगे बढ़ाया है।
रोटी बैंक की शुरुआत सीमित संसाधनों के बीच एक रिक्शे और सेवा के जज्बे से हुई थी। मोहम्मद खालिद विभिन्न चौक-चौराहों पर रिक्शे के माध्यम से घूम-घूमकर गरीब, असहाय, मजदूर एवं जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाते रहे। उनकी यह छोटी-सी पहल धीरे-धीरे मानव सेवा के बड़े अभियान में बदलती चली गई।
मुखिया नूरजहां ने कहा कि भूखे को भोजन कराना सबसे बड़ी मानव सेवा में से एक है। रोटी बैंक जिस भावना के साथ गरीब और जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचा रहा है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि ऐसी जनसेवा की पहल को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
मुखिया अखलाक अंसारी ने कहा कि रोटी बैंक का नया कार्यालय सेवा कार्यों को और व्यवस्थित एवं मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने मोहम्मद खालिद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों से शुरू हुई यह मुहिम आज एक पहचान बना रही है। उन्होंने लोगों से भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।

जिला परिषद सदस्य मंजू नंदिनी ने कहा कि समाज में जरूरतमंदों की सेवा से बढ़कर कोई बड़ा कार्य नहीं है। रोटी बैंक की पहल मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से समाज में सहयोग, भाईचारा और इंसानियत की भावना मजबूत होती है।
वहीं, रोटी बैंक के संस्थापक मोहम्मद खालिद ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ भोजन बांटना नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों तक सम्मान और सहयोग पहुंचाना है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है। उन्होंने कहा कि रोटी बैंक की शुरुआत भले ही रिक्शे से हुई हो, लेकिन लोगों के सहयोग और विश्वास ने इस मुहिम को आगे बढ़ाने की ताकत दी है।

नए कार्यालय भवन के उद्घाटन के साथ अब रोटी बैंक की सेवा गतिविधियों को और व्यापक एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य यही है कि कोई गरीब, मजदूर या असहाय व्यक्ति भूखा न सोए।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिस सेवा की शुरुआत रिक्शे पर भोजन लेकर चौक-चौराहों तक पहुंचने से हुई थी, उसका आज स्थायी कार्यालय तक पहुंचना सेवा, संघर्ष और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है। रोटी बैंक का यह नया कार्यालय आने वाले समय में जरूरतमंदों के लिए भरोसे, भोजन और मानवता का केंद्र बनने की उम्मीद जगा रहा है।
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