

केंद्र के खान एवं खनिज संशोधन विधेयक को बताया आदिवासी-मूलवासी विरोधी, जल-जंगल-जमीन की रक्षा का उठाया सवाल
कटकमसांडी। झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर झामुमो कटकमसांडी प्रखंड कमेटी की ओर से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज संशोधन विधेयक (MMDR) के विरोध में प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

धरना की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष राजा मोहम्मद ने की, जबकि संचालन नईम राही ने किया।
वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित MMDR संशोधन विधेयक आदिवासी-मूलवासी समाज के हितों को प्रभावित करने वाला है। इससे झारखंड के जल, जंगल और जमीन पर खतरा बढ़ सकता है। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की।

धरना के बाद राष्ट्रपति के नाम बीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड की पहचान उसकी मिट्टी, जंगल, पहाड़, नदियों और खनिज संपदा से जुड़ी है। आदिवासी-मूलवासी समाज के लिए ये केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि उनके जीवन, संस्कृति और अस्तित्व का आधार हैं। ज्ञापन में बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और तिलका मांझी के संघर्ष का उल्लेख करते हुए आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।

झामुमो नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा केवल राजस्व का नहीं, बल्कि राज्य के अधिकार, संघीय व्यवस्था और झारखंड की विकास क्षमता से भी जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष राजा मोहम्मद, प्रखंड उपाध्यक्ष शाहिद खान उर्फ राजा, प्रखंड सचिव जय प्रकाश केसरी,अनवारुल हक मुखिया, नईम राही, जमा खान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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