
भगवान श्रीराम और माता सीता की रंगोली को मिला पहला स्थान, नर्सों की सेवा भावना पर आधारित प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र

नर्सिंग शिक्षा में किताबी ज्ञान के साथ सेवा भावना और संवेदनशीलता भी जरूरी है : हर्ष अजमेरा
ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को निखारते हैं : जया सिंह

हजारीबाग। धनतेरस एवं दीपावली के पावन अवसर पर शुक्रवार को एचजेडबी आरोग्यम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में रंगोली प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। रंगों और दीपों से सजे कॉलेज परिसर में उत्सव का उल्लास देखते ही बन रहा था। प्रतियोगिता में 25 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा, रचनात्मक सोच एवं सामाजिक संदेशों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता में प्रत्येक टीम को 5×5 फीट का स्थान उपलब्ध कराया गया था। छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक रंगोलियों के साथ स्वास्थ्य, चिकित्सा, सामाजिक सरोकार और नर्सिंग सेवा से जुड़े विषयों को भी अपनी कलाकृतियों में खूबसूरती से उकेरा। विशेष रूप से नर्सों के समर्पण, त्याग और सेवा भावना को दर्शाती रंगोलियां आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतियोगिता में ग्रुप 18 ने भगवान श्रीराम एवं माता सीता की मनमोहक रंगोली बनाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। रंगों का सुंदर संयोजन, कलाकृति की बारीकी और धार्मिक भावनाओं की आकर्षक अभिव्यक्ति ने निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। वहीं ग्रुप 25 की टीम द आर्ट निन्जाज ने द्वितीय स्थान हासिल किया। टीम ने छठ महापर्व के दौरान भी अस्पतालों में मरीजों की सेवा में जुटी रहने वाली नर्सों की जिम्मेदारी को अपनी रंगोली के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। रंगोली पर लिखा संदेश ‘सबको छुट्टी मिली छठ मनाने की, नर्स को मिली ड्यूटी निभाने की रिस्पेक्ट फॉर नर्स’ लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय रहा। तृतीय स्थान पर ग्रुप 8 की टीम रही, जिसने ‘लाइट ऑफ केयर’ और ‘हीलिंग हैंड’ की थीम के जरिए नर्सों के सेवा भाव और समर्पण को दर्शाया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रंगोली विशेषज्ञ स्वाति जैन, जीतो लेडीज विंग की अंतिमा जैन एवं रजनी जैन शामिल थीं। निर्णायकों ने सभी 25 टीमों की रंगोलियों का बारीकी से निरीक्षण कर उनकी कलात्मकता, विषयवस्तु और संदेश के आधार पर मूल्यांकन किया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि नर्सिंग शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संवेदनशीलता, धैर्य, अनुशासन और मानवीय सेवा की भावना भी बेहद जरूरी है। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को सामने लाने के साथ उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और टीम भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में कला के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का संदेश भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। संस्थान की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि दीपावली जैसे त्योहार विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, परंपरा और रचनात्मकता से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। 25 टीमों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और उनकी अनूठी प्रस्तुतियां सराहनीय हैं। विशेष रूप से नर्सों के समर्पण को दर्शाती रंगोलियों ने यह संदेश दिया कि त्योहारों के अवसर पर भी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मी पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।

रंगोली प्रतियोगिता के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों, दीपावली के गीतों और लोकगीतों पर आकर्षक नृत्य एवं गायन प्रस्तुत कर समारोह को यादगार बना दिया। संस्थान की सी.ओ प्रीति जैन ने सभी को धनतेरस एवं दीपावली की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के समापन पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली ग्रुप 18, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली ग्रुप 25 और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली ग्रुप 8 को विशेष पुरस्कार एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। वहीं प्रतियोगिता में शामिल सभी 25 टीमों को भी उपहार एवं बेहतर प्रदर्शन प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। मौके पर संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।




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