
रामगढ़, झारखंड | रामगढ बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (बीएफसीएल) ने औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को सशक्त करते हुए अपने ‘हरित भविष्य’ रोडमैप की घोषणा की है। वर्ष 2025 में प्राप्त उल्लेखनीय उपलब्धियों के आधार पर कंपनी ने 2026 के लिए एक सुव्यवस्थित और महत्वाकांक्षी कार्ययोजना प्रस्तुत की है, जिसका उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण, संसाधन संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन को बढ़ावा देना है।

2025 की प्रमुख पर्यावरणीय उपलब्धियां
हरित क्षेत्र का विस्तार
बीएफसीएल ने 3.50 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित करते हुए 839 देशी एवं तेजी से बढ़ने वाले पौधों का रोपण किया। इस पहल से क्षेत्र की जैव-विविधता को मजबूती मिली है और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को नया जीवन मिला है।

उन्नत वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था
धूल और उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए संयंत्र में 14 डस्ट कैचर, 5 अत्याधुनिक एंटी-स्मॉग गन तथा 67 वॉटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। सभी भट्टियों (किल्न्स) को उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर्स (ESP) और अनेक बैग फिल्टर से सुसज्जित किया गया है, जिससे उत्सर्जन स्तर निर्धारित मानकों के भीतर बनाए रखा जा सके।
रीयल-टाइम वायु गुणवत्ता निगरानी और पारदर्शिता
सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से BFCL ने चार प्रमुख स्थानों—BFCL तालाब, DC कार्यालय, कैंटोनमेंट अस्पताल और नईसराय चौक—पर कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (CAAQMS) स्थापित किए हैं। इनसे प्राप्त आंकड़े आम नागरिकों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
संसाधन संरक्षण की ठोस पहल
रसोई कचरे के वैज्ञानिक निपटान हेतु एक आधुनिक कंपोस्टिंग मशीन स्थापित की गई है। इसके साथ ही 54,600 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले विशाल वर्षा जल संचयन (RWH) तालाब के निर्माण से जल संरक्षण को सशक्त आधार मिला है।
2026 का विजन: “2000 पौधों का संकल्प”
पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए BFCL ने वर्ष 2026 में 1,200 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रति माह 100 पौधों के रोपण की एक सुनियोजित कार्ययोजना बनाई गई है। यह पहल क्षेत्र के माइक्रो-क्लाइमेट, वायु गुणवत्ता और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
इस अवसर पर 10 जनवरी, 2026 को भी पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे प्लांट परिसर में 100 से अधिक पौधे लगाए गए।
बीएफसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“हम मानते हैं कि औद्योगिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। ‘हरित भविष्य’ रोडमैप के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
बीएफसीएल के बारे में
बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड एक अग्रणी औद्योगिक इकाई है, जो सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित कार्यप्रणाली में विश्वास रखती है। कंपनी पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और तकनीकी नवाचार के समन्वय से दीर्घकालिक एवं जिम्मेदार विकास की दिशा में कार्यरत है।
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