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केबी सहाय जनकल्याण फाउंडेशन के संस्थापक आशीष सहाय का सराहनीय कार्य

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Khabar365news


केबी सहाय जनकल्याण फाउंडेशन के संचालक श्री आशीष सहाय जी हजारीबाग के जरूरतमंद जनता को हर संभव मदद करने एवं अपने दादा जी श्री केबी सहाय जी का नाम जन जन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। स्वतंत्रता सेनानी श्री कृष्ण बल्लभ सहाय जी जिन्होंने हजारीबाग को देश के मानचित्र में राजनीति का पहचान दिलाये देश की स्वतंत्रता आंदोलन हो या देश के आजादी की लड़ाई भारत के संविधान के रचना से लेकर रामगढ़ महाअधिवेशन तक केबी सहाय जी का महत्वपूर्ण भूमिका रहा भारत आजाद के बाद पहला बड़ा कृषि सुधार जमींदारी प्रथा उन्मूलन कानून, संविधान बनाते वक्त उसके निर्माताओं को जिन अहम मुद्दों से जूझना पड़ा, उनमें से एक भारत का सामंती सिस्टम था,

जिसने स्वतंत्रता से पहले देश के सामाजिक ताने-बाने को बुरी तरह चोट पहुंचाई थी। उस वक्त जमीन का मालिकाना हक कुछ ही लोगों के पास था, जबकि बाकी लोगों की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पाती थीं। इस असमानता को खत्म करने के लिए संयुक्त झारखंड बिहार में श्री केबी सहाय जी की कुशल नीतियों के अनुसार सरकार कई भूमि सुधार कानून लेकर आई, जिसमें से एक जमींदारी उन्मूलन 1947 में देश के आजाद होने के बाद जमींदारी उन्मूलन कानून, भारत सरकार का पहला प्रमुख कृषि सुधार था। इसके साथ साथ श्री केबी सहाय जी के कुशल नेतृत्व के कारण बंधुआ मजदूरी का अंत: जमींदारी उन्मूलन कानून ने बेगारी या बंधुआ मजदूरी को कानूनन अपराध के दायरे में ला खड़ा किया किया गया था।

केबी सहाय जनकल्याण फाउंडेशन के संचालक एवं प्रखर कुशल समाजसेवी श्री आशीष सहाय जी के सौजन्य से एवं उनके निर्देशानुसार करीब तीन वर्षो से लगातार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बसने वाले जरूरतमंद जनता के बीच हर संभव मदद कर रहे हैं। और करते रहेंगे। इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए आज दिनांक 8.02 2023 को सदर ब्लॉक के ओरिया हजारीबाग में , महिला एवं पुरुष युवा ग्रामीणों के साथ केबी सहाय जनकल्याण फाउंडेशन के बैनर तले भव्य रुप से बैठक किया गया। आपको बता दूं कि इसी प्रकार हजारीबाग के हर एक पंचायत में बैठक करा कर श्री आशीष सहाय जी के सौजन्य से कपड़ा कच्चा अनाज कंबल मास्क स्कूल बैग वाटर बोतल सिलाई मशीन शुगर मशीन वह बोरिंग करा कर शुद्ध जल देने का कार्य हो

चाहे हजारीबाग वासियों एवं जरूरतमंद जनता को आर्थिक रूप से सहयोग हो चाहे निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना कर महिलाओं एवं युवतियों को मुफ्त में सिलाई प्रशिक्षण करा कर रोजगार से जोड़ने का कार्य हो चाहे मीनू सहाय डायबिटीज शिविर लगाकर ऐसे व्यक्ति जिनको शुगर है। वैसे व्यक्तियों को शुगर मशीन का वितरण हो। यहां तक के रोला पंचायत के ग्रामीणों ने वर्षों से पानी के अभाव में जी रहे ग्रामीणों को बोरिंग करा कर चप्पनल शुद्ध जल देने का कार्य हो। स्वर्गीय श्री केबी सहाय जी की जयंती के उपलक्ष में श्री आशीष सहाय जी के सौजन्य से अभी तक करीब 3 हजार शुगर मशीन का वितरण किया गया है। और रजिस्ट्रेशन जारी है रजिस्ट्रेशन के बाद बिल्कुल निशुल्क शुगर मशीन श्री आशीष सहाय जी के सौजन्य से वितरण किया जाएगा। श्री आशीष सहाय जी का एक ही उद्देश्य है। कि उनके दादा श्री केबी सहाय जी का नाम संपूर्ण देश में बना रहे युवा वर्ग के लोग जाने और उनके द्वारा किए गए देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान को जन जन तक पहुंचाना मुख्य उद्देश्य है। ठीक इसी प्रकार श्री केबी सहाय जी के पौत्र श्री आशीष सहाय जी अपने दादाजी के आदर्शों को अपनाते हुए। अपने दादाजी के नाम से संस्था स्थापना कर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचा रहे हैं।

श्री कृष्ण बल्लभ सहाय देश के एक ऐसे संघर्षशील समाजसेवी की तरह देश के मातृभूमि के लिए संघर्ष कर लड़ाई लड़ी एवं देश के विकास एवं उन्नति के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं! फ्रीडम फाइटर एवं अपराजय योद्धा संयुक्त बिहार के चौथे पूर्व मुख्यमंत्री श्री कृष्ण बल्लभ सहाय केबी सहाय जी, बंधुआ मजदूरी जमींदारी प्रथा का उन्मूलन की लड़ाई लड़े 1963, से, 1967, तक मुख्यमंत्री रहे कृष्ण वल्लभ सहाय केबी सहाय सन 1920, से ही स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ गये थे! वे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान चार बार जेल गये थे! किसान आंदोलन से लेकर सविनय अवज्ञा आंदोलन, दांडी नमक आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन, झारखंड में रामगढ़ महाअधिवेशन, ब्रिटिश शासन में, हजारीबाग से सप्ताहिक पत्रिका का संपादन भी किया करते थे और छोटानागपुर दर्पण प्रकाशन में भी श्री केबी सहाय जी का सहयोग भी किया करते थे, और, 1937, में वे! बिहार लेजिस्लेटिव असेंबली के सदस्य भी चुने गये थे! आजाद भारत में, 1946 की अंतरिम सरकार के मंत्रीमंडल में उन्हें राजस्व, वन व आदिवासी कल्याण विभाग का प्रभारी मंत्री बनाया गया था!

श्री कृष्ण बल्लभ सहाय जब संविधान लिखा जा रहा था तब आजाद भारत के संविधान सभा के ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य थे! बिहार में, बरौनी रिफाइनरी इंडस्ट्री की स्थापना श्री कृष्ण बल्लभ सहाय जी ने किऐ हैं! खासकर हजारीबाग एवं झारखंड के कई जिलों को अहम् योगदान दिऐ हैं! जैसे केबी सहाय ओमेंस कॉलेज, संयुक्त बिहार में, केबी सहाय हाई स्कूल, एवं रांची में, स्थापित HEC इंडस्ट्रीज की स्थापना, श्री कृष्ण बल्लभ सहाय आश्रम कांग्रेस कार्यालय हजारीबाग, तिलैया में, सैनिक स्कूल बोकारो में, बोकारो स्टील सिटी प्लांट, पतरातू में, ग्लास फैक्ट्री, गिरिडीह में, गिरिडीह कॉलेज, और गिरिडीह को जिला बनाने में, अहम योगदान रहा और छड़वा डैम के बांध और खुदाई से लेकर घर-घर तक पानी सप्लाई तक, और मेरु में,bsf बीएसएफ, मेरु कैंप का स्थापना श्री कृष्ण बल्लभ सहाय जी का योगदान है! जो संयुक्त बिहार झारखंड के जनता को गर्व करने की बात है।

   
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