गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के कोल्डीहा में बीते शुक्रवार को हुए सड़क हादसे ने सोमवार को तूल पकड़ लिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल मो. नियाज अंसारी की इलाज के दौरान रविवार की देर रात मौत हो गई। जैसे ही मौत की खबर इलाके में पहुंची, आक्रोशित लोगों ने गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग को कोल्डीहा के पास जाम कर दिया। सड़क जाम होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, लेकिन लोग मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। करीब घंटों तक चले इस जाम के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू स्वयं मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत की। मंत्री के आश्वासन के बाद ही लोगों ने जाम हटाया और आवागमन सामान्य हो सका।
पुलिस पर लापरवाही और अभद्र व्यवहार का आरोप
इस दौरान वार्ड पार्षद नूरुल होदा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद जब वे नगर थाना आवेदन देने पहुंचे, तो वहां मौजूद एसआई विक्रम सिंह ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस शिकायत को मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल वरीय पुलिस पदाधिकारियों को संबंधित एसआई को निलंबित करने और मामले के जांच अधिकारी (आईओ) को बदलने का निर्देश दिया।
परिजनों को मुआवजा और सख्त कार्रवाई का भरोसा
मृतक के परिजन मोईन अंसारी ने बताया कि नियाज अंसारी घर से सड़क की ओर निकले थे, तभी तेज रफ्तार में आ रहे एक बाइक सवार ने रोंग साइड से आकर उन्हें टक्कर मार दी। परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपी बाइक सवार को पकड़कर पुलिस को सुपुर्द किया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधान के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा और बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मौके पर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, डीएसपी नीरज सिंह, नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह और मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो भी मौजूद रहे।
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