झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले बजट 2026–27 के “अबुआ दिशोम बजट” में आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों को शामिल करने की प्रक्रिया के तहत सिल्ली प्रखंड अंतर्गत गोड़ाडीह पंचायत के ग्राम ब्रह्माणी निवासी अंकित कुमार महतो के सुझाव को शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया है। अंकित महतो, अजय महतो एवं दमयंती देवी के पुत्र हैं।
अंकित महतो द्वारा राज्य की ‘उच्च शिक्षा व्यवस्था’ को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा राज्य के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए थे, जिन्हें सरकार ने गंभीरता से लेते हुए बजट प्रस्तावों में शामिल करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राज्य सरकार की सहभागी लोकतंत्र की सोच को दर्शाता है, जिसमें आम नागरिकों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
हाल ही में आयोजित “झारखंड अबुआ दिशोम बजट पूर्व संगोष्ठी 2026–27” के दौरान राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा अंकित महतो को उनके उल्लेखनीय सुझावों के लिए प्रशस्ति पत्र एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
उल्लेखनीय है कि अंकित महतो इससे पूर्व देश के चर्चित “सांसद संस्कृति महोत्सव” की अवधारणा के सूत्रधार भी रहे हैं। उनके इस विचार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहा था तथा “वोकल फॉर लोकल” अभियान के अंतर्गत सभी सांसदों से अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में इस महोत्सव के आयोजन का आह्वान किया था। वर्तमान में यह कार्यक्रम देशभर में संस्कृति संरक्षण के उद्देश्य से नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है।
अंकित महतो आरटीसी मुरी के पूर्व छात्र रह चुके हैं और वर्तमान में रूरल टेक्नोलॉजी में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वे आठ भाषाओं के ज्ञाता हैं, जिनमें जापानी एवं जर्मन जैसी विदेशी भाषाएँ भी शामिल हैं। उनकी यह बहुभाषी क्षमता और सामाजिक विषयों पर गहरी समझ उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाती है।
अंकित महतो का बजट प्रक्रिया में योगदान न केवल युवाओं की भागीदारी का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि झारखंड सरकार प्रतिभाशाली युवाओं के विचारों को नीति निर्धारण में उचित स्थान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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