राज्य में संचालित शराब की खुदरा दुकानों के ऑडिट का काम लगभग पूरा होने को है। नयी उत्पाद नीति के तहत टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने तक उत्पाद विभाग खुद शराब बेचेगा। निजी हाथों में शराब की बिक्री हस्तांतरित करने से संबंधित टेंडर होने में डेढ़ से दो माह का समय लगने की संभावना है। इस अवधि में शराब की खुदरा दुकानों को संचालित करने के लिए उत्पाद विभाग ने अपनी कार्य योजना को अंतिम रूप दे दिया है। राज्य भर में संचालित लगभग 1466 खुदरा शराब दुकानों पर सहायक उत्पाद आयुक्त के स्तर से सेल्स मैन रखे जाएंगे।
जिलों में पदस्थापित सहायक उत्पाद आयुक्त संबंधित व्यक्ति की पूरी जांच पड़ताल करने के बाद उसकी नियुक्ति करेंगे। उस व्यक्ति से शपथ पत्र लेंगे। उसके विरुद्ध कोई मुकदमा दर्ज न हो, पूर्व में शराब दुकानों पर कार्यरत रहने के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं की हो, यह सुनिश्चित कर लेंगे। सेल्स मैन को राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा तय पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। उत्पाद विभाग द्वारा राज्य के सभी जिला उपायुक्तों को संबंधित निर्देश दे दिए गए हैं।
उत्पाद विभाग ने शराब की खुदरा दुकानों पर सुरक्षा मुहैया कराने के लिए उपायुक्तों को होमगार्ड के जवानों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उसमें कहा गया है कि उपलब्धता के आधार पर प्रत्येक देसी शराब की दुकान पर एक-एक, प्रत्येक विदेशी शराब दुकान पर तीन-तीन एवं कंपोजिट शराब दुकानों पर होमगार्ड के दो-दो जवान तैनात रहेंगे। उपायुक्त रांची ने जिला समादेष्टा गृह रक्षा वाहिनी रांची को इस संबंध में पत्र भी लिखा है। होमगार्ड के जवान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उसमें कहा गया है कि रांची जिले में 166 शराब की खुदरा दुकानों के लिए 367 होमगार्ड के जवान की आवश्यकता है। इसलिए तत्काल जिला उत्पाद कार्यालय के अधीन 367 होमगार्ड के जवान की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
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