साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड अंतर्गत कबूतरखोपी गांव में फर्जी फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को फाइनेंस एजेंट बताने वाले चार लोगों ने ग्रामीण महिलाओं को लोन का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पैन कार्ड और बायोमेट्रिक फिंगर जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करवा लिए। इसके बाद उनके बैंक खातों से हजारों रुपये उड़ा लिए गए।
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्हें बिना गारंटी के 50,000 से 1 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा। इस लालच में आकर दर्जनों महिलाओं ने अपने दस्तावेज सौंप दिए। आरोपियों ने दस्तावेज लेने के बाद कुछ महिलाओं को नकली आवेदन रसीद भी दी और कहा कि दो से तीन दिन में पैसा खाते में आ जाएगा। लेकिन जब महिलाएं बैंक पहुंचीं तो पता चला कि उनके खातों से पहले ही रकम निकाली जा चुकी है।
पीड़ित महिला रूबी देवी और सरिता देवी ने बताया, “हम लोग तो सोचे कि लोन मिलेगा तो घर में काम शुरू करेंगे, बेटी की शादी में कुछ मदद मिलेगी, लेकिन बाद में बैंक जाकर देखा तो हमारा पैसा ही गायब था। किसी का दस हजार, किसी का पांच हजार, किसी का 3400 रुपये खाते से निकल चुका था, जबकि किसी ने निकासी नहीं की थी।”
घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। प्रभावित महिलाओं ने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से जीरवाबारी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों की सूचना पर जीरवाबारी थाना पुलिस कबूतरखोपी चानन गांव पहुंची। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि फर्जी फाइनेंस कंपनी का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है और न ही गांव या आसपास कहीं इसका कोई ऑफिस है। जिन मोबाइल नंबरों से बातचीत की गई थी, वे अब बंद हो चुके हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह सुनियोजित साइबर ठगी का मामला प्रतीत होता है। आरोपियों ने ग्रामीणों की अशिक्षा और डिजिटल जानकारी की कमी का फायदा उठाया है। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजैक्शन का विश्लेषण किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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