गढ़वा जिले में सड़क निर्माण कर रही कंपनी के मेराल कैंप में भीषण आग लग गई. इस हादसे में कैंप के अंदर सो रहे 100 से अधिक श्रमिक बाल-बाल बच गए. आग पर काबू पाने के लिए दो दमकल गाड़ियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस घटना में दो लोग घायल हो गए. जानकारी के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा खजुरी से विंढमगंज फोरलेन निर्माण कार्य कर रही एमजी कॉन्ट्रैक्टर्स प्रा. लि. कंपनी के मेराल थाना क्षेत्र अंतर्गत अकलवानी कैंप के स्टाफ क्वार्टर में शनिवार देर रात आग लग गई. बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण एक स्टाफ क्वार्टर में आग लगी, जो तेज हवा के कारण तेजी से फैल गई और देखते ही देखते चार ब्लॉकों को अपनी चपेट में ले लिया.
100 स्टाफ के कपड़े, नकदी और सामान राख
एस्बेस्टस शीट से बने क्वार्टर और दीवारों में लगे थर्मोकोल के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया. इस हादसे में करीब 100 फीट लंबे चार क्वार्टर पूरी तरह जलकर खाक हो गए. आग लगने से कैंप में रखा सभी सामान, कपड़े, नकदी और अन्य जरूरी वस्तुएं नष्ट हो गईं. घटना की सूचना मिलते ही मेराल थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारों ब्लॉकों में रह रहे करीब 100 स्टाफ के कपड़े, नकदी और अन्य सामान पूरी तरह जल गए. इस हादसे में महादेव साह को आग बुझाने के दौरान हाथ-पांव में चोटें आईं, जबकि नेपाल साहू का हाथ-पैर जल गया. दोनों घायलों का इलाज मेराल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया. चिकित्सकों के अनुसार दोनों की स्थिति खतरे से बाहर है. महादेव साह ने बताया कि करीब 100 स्टाफ के पास केवल शरीर पर पहने हुए कपड़े ही बचे हैं, बाकी सब कुछ जलकर खाक हो गया है. फायर ब्रिगेड कर्मियों, पुलिस, कंपनी स्टाफ और स्थानीय लोगों के प्रयास से एक बड़ी दुर्घटना टल गई
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