चर्चित विनीत तिवारी हत्याकांड के बाद पलामू पुलिस की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है. इसी कड़ी में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप तिवारी की तलाश तेज करते हुए उसके करीबी लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, समदा आहार निवासी आरोपी प्रदीप तिवारी के भाई दिलीप तिवारी को टाउन थाना पुलिस ने देर शाम हिरासत में लिया. पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया. देर शाम कड़ी सुरक्षा के बीच उसे जेल भेजा गया. पुलिस का कहना है कि मामले में फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है.
हथियार के गलत इस्तेमाल पर अब सीधा लाइसेंस रद्द
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. संगठित अपराध, भू-माफिया, बालू माफिया और काली शीशे वाली गाड़ियों पर कार्रवाई के बाद अब पुलिस का फोकस लाइसेंसी हथियार धारकों पर है. एसपी कपिल चौधरी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद सभी लाइसेंसी हथियार धारकों का सत्यापन किया जाए. इसके तहत उनके चरित्र, गतिविधियों और आपराधिक इतिहास की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है. पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि लाइसेंस सुरक्षा के लिए दिया जाता है, न कि दबंगई दिखाने या कानून को चुनौती देने के लिए. खास तौर पर उन लोगों को चिन्हित करने का आदेश दिया गया है, जो सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करते हैं या लाइसेंसी हथियार के साथ “भौकाल” बनाने की कोशिश करते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. एसपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो व्यक्ति अपराधियों के साथ हथियार लेकर घूमते पाए जाएंगे, उनका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा.
पुलिस ने हर्ष फायरिंग को लेकर भी जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है. शादी-ब्याह, पार्टी या किसी भी आयोजन में फायरिंग करते पाए जाने पर न सिर्फ हथियार जब्त किया जाएगा, बल्कि संबंधित व्यक्ति को ब्लैकलिस्ट करते हुए उसका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जाएगा. इसके अलावा जमीन विवाद, मारपीट या किसी भी झगड़े में हथियार का प्रदर्शन या उपयोग करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. एसपी कपिल चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है या जो किसी मामले में जेल जा चुके हैं, उनके लाइसेंस की भी समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी. लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. एसपी के इस सख्त रुख से जिले में हड़कंप मच गया है. कई हथियार धारकों ने अब स्वयं सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. प्रशासन का उद्देश्य जिले में कानून का राज स्थापित करना और हथियारों के दुरुपयोग पर पूरी तरह रोक लगाना है.
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