झारखंड में कल सोमवार की शाम 2026 की पहली बारिश हुई। राज्य के कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चली और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने झारखंड के 9 जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात की आशंका जाहिर की है वहीं, मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए सभी से सतर्क रहने की भी अपील की है। रांची, लोहरदगा, चतरा, गढ़वा, गुमला, खूंटी, कोडरमा, पलामू और रामगढ़ सहित कई जिलों में मेघ गर्जन और बिजली चमकने की घटनाएं सामने आईं। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार मंगलवार को भी कई जिलों में तेज हवा के साथ ठनका गिरने की संभावना है। कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, चतरा, पलामू, गढ़वा, कोडरमा और रामगढ़ में येलो अलर्ट जारी किया। इन इलाकों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। लोगों को खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने 25 फरवरी को सुबह कुहासा और दिन में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना बताई है। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और 26 और 27 फरवरी से शुष्क मौसम की स्थिति बन सकती है।
हालांकि, फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लें और मोबाइल फोन या धातु की वस्तुओं का उपयोग खुले स्थान पर न करें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे खेतों में काम करते समय मौसम अपडेट पर नजर रखें। पश्चिमी विक्षोभ के इस प्रभाव ने झारखंड के मौसम को अस्थायी रूप से बदल दिया है। आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।
Leave a comment