गिरिडीह समेत देश के कई हिस्सों में इन दिनों पेट्रोल-डीजल की किल्लत देखने को मिल रही है। खाड़ी देशों में जारी तनाव और आपूर्ति प्रभावित होने का असर अब स्थानीय स्तर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कमी हो गई है, जबकि कुछ पंप बंद होने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। कहीं केवल डीजल उपलब्ध है तो कहीं सिर्फ पेट्रोल मिल रहा है, वहीं कई जगह पावर पेट्रोल भी खत्म हो चुका है।
120 में से केवल 62 पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध तेल
जिला पेट्रोल पंप संघ के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने बताया कि गिरिडीह जिले में कुल 120 पेट्रोल पंप हैं, लेकिन फिलहाल केवल 62 पंपों पर ही तेल उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति सामान्य नहीं होने के कारण पंप संचालकों को सीमित मात्रा में ही ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल देना पड़ रहा है। उपलब्ध स्टॉक को संतुलित बनाए रखने के लिए वाहन मालिकों को जरूरत से कम तेल दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके।
वाहन चालकों और कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें
तेल संकट का असर आम लोगों के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। कई वाहन चालक सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं, लेकिन पर्याप्त तेल नहीं मिलने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर बाइक चालकों और छोटे व्यवसाय से जुड़े लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं, क्योंकि रोजमर्रा के कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद
गिरिडीह के पेट्रोल पंप संचालक अशोक मिश्रा ने बताया कि उनके पंप पर फिलहाल पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले एक-दो दिनों में नई खेप आने की संभावना है, जिसके बाद हालात सामान्य हो सकते हैं। फिलहाल जिले में पेट्रोल-डीजल संकट को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
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