
हजारीबाग। नगर निगम की आर्थिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर आयुक्त ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। शहर के विकास कार्यों को गति देने और निगम के आंतरिक राजस्व में बढ़ोतरी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त की अध्यक्षता में 4 नवंबर 2026 को राजस्व संग्रहण को लेकर अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त ने राजस्व वसूली को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप नगर आयुक्त (DMC), नगर प्रबंधक सहित नगर निगम के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान होल्डिंग टैक्स, ट्रेड टैक्स और वाटर टैक्स सहित निगम के विभिन्न आंतरिक राजस्व स्रोतों से वसूली की स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
नगर आयुक्त ने राजस्व संग्रहण को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम के छह राजस्व निरीक्षकों (RI) एवं छह तहसीलदारों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत प्रत्येक वार्ड के अनुसार नवंबर माह तक राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस व्यवस्था से राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित करने की पहल की गई है।
नगर आयुक्त की कार्यशैली से विकास को मिलेगी नई मजबूती
नगर आयुक्त का यह कदम केवल टैक्स वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम की आर्थिक आत्मनिर्भरता और शहर के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। निगम के राजस्व में वृद्धि होने से शहरी सुविधाओं, साफ-सफाई, जलापूर्ति, सड़क, नाली एवं अन्य विकास कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिल सकती है। वार्डवार लक्ष्य निर्धारित कर कर्मचारियों को जिम्मेदारी देना नगर आयुक्त की योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्यशैली को दर्शाता है।
वहीं नगर निगम की ओर से शहरवासियों से अपील की गई है कि वे अपना होल्डिंग टैक्स, वाटर टैक्स एवं ट्रेड टैक्स समय पर जमा करें तथा इसके लिए नगर निगम के अधिकृत राजस्व निरीक्षकों एवं तहसीलदारों का ही सहयोग लें।
नगर आयुक्त की इस सक्रिय पहल से राजस्व संग्रहण व्यवस्था में तेजी आने और नगर निगम की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह एवं मजबूत बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।





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