
हजारीबाग: सांस्कृतिक स्तोत्र एवं प्रशिक्षण केंद्र ( CCRT – Centre for Cultural Resources and Training ) क्षेत्रीय केंद्र, उदयपुर, राजस्थान में 12 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक नई शिक्षा नीति 2020,शिक्षक शिक्षा की कार्यशाला में संकाय सदस्य, डायट, हज़ारीबाग से रंजीत कुमार वर्मा ने प्रतिनिधित्व किया.
उदयपुर में आयोजित कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षण कार्य में सांस्कृतिक स्रोतों एवं संसाधनों का शिक्षक गतिविधियों में सहायता प्रदान करना रहा. कार्यशाला के अंतर्गत योग शिक्षा, नई शिक्षा नीति -2020 का नया दृष्टिकोण, भारतीय भूभाग्य शास्त्र पर चर्चा, भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण द्वारा हिंदी की उत्पत्ति एवं प्रयोग पर विस्तृत जानकारी, मानव इतिहास की जानकारी दी गई.
साथ ही कार्यशाला के अंतर्गत
भारतीय संगीत परंपरा, क्राफ्ट बनाना, फड़ पेंटिंग, मिट्टी से बर्तन बनाने का प्रायोगिक व कहानी वाचन का कक्षा में प्रयोग एवं एक कदम स्वच्छता की ओर और स्वच्छ भारत अभियान पर विषय विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई.
शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत भारतीय लोक कला मंडल, शिल्पग्राम,मोती मगरी,भारतीय मानव विज्ञान संरक्षण का भ्रमण कराया गया.
कार्यशाला में श्री वर्मा द्वारा झारखण्ड सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न गतिविधियों को बताया गया.कार्यशाला में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के प्रतिभागी भी शामिल हुए. जिन्होंने अपने-अपने राज्यों का नेतृत्व करते हुए अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन एवं शिक्षण गतिविधियों को बताया.
एक शिक्षक को राज्य का नेतृत्व करना हमेशा गौरांवित करता है. कार्यशाला में भाग लेने हेतु भेजे जाने हेतु श्री वर्मा ने जेसीईआरटी, रांची एवं प्राचार्य डायट श्री आकाश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है.
कार्यशाला पर श्री रंजीत वर्मा ने कहा कि एक नया अनुभव हमेशा आपको एवं आपकी सकारात्मक सोच को बढ़ाने में मदद करता है.
शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कर सकूं ऐसा प्रयास हमेशा जारी रहेगा.
कार्यशाला के अंतिम चरण में सीसीआरटी उदयपुर के पदाधिकारी श्री अभीक सरकार एवं प्रोफेसर शर्मा द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। झारखण्ड से आशीष दूबे, राकेश कुमार सिंह, धीरेन्द्र कुमार, राजेश कुमार, श्रद्धा बुंदेला, शंकर उरांव ने हिस्सा लिया।
Leave a comment