ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र,बी4, रोड़ नंबर 08, पीटीपीएस, पतरातू सेवाकेंद्र में ब्रह्माकुमारीज की पूर्व प्रशासिका “परम श्रद्धेय राजयोगिनी बीके हृदय मोहिनी जी की 5 वीं पुण्य स्मृति दिवस” मनाया गया।
रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
पतरातू सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी रोशनी बहन ने कहा दादी जी 8 वर्ष की आयु में ही ब्रह्माकुमारी से जुड़ी।संपूर्ण मानवता की कल्याण के लिए संपूर्ण अपना जीवन समर्पित कर दी।दादी जी सिंध प्रांत, हैदराबाद के रहने वाली थी । जब निराकार परमात्मा शिव ने उसे समय राजयोग ज्ञान सीख कर दादी जी ने सैकड़ो देश में राजयोग का ज्ञान फैलाएं। दादी जी बाल्यकाल से ही बहुत शांत ,गंभीर और प्रभु चिंतनशील थी। दादी जी हम सबके अति आदर्श प्रेरणा स्रोत अभी भी है और उनके हर कदमों पर चलकर हम बीके समस्त विश्व को परमात्मा के सत्य ज्ञान से अवगत करा कर उनके जीवन में सुख शांति लाने का पवित्र कर्म अवश्य करेंगे दादी जी।
समाजसेवी श्रीमति अनिता जैन ने कहा कि दादी जी का जीवन हम सभी मानव के लिए प्रेरणा स्रोत है ।दादी जी संपूर्ण त्यागी तपस्वी और ज्ञान की गंगा बनाकर संपूर्ण विश्व में परमात्मा शिव के संदेश वाहक बनीं ।हम सभी उनके सामान अपने जीवन में शांति प्रेम और सच्चा गीता ज्ञान अपने जीवन में धारण करेंगे और दादी हृदय मोहिनी जी के समान बनेंगे।
राजयोगी बीके रामदेव ने कहा परम श्रद्धेय राजयोगिनी बीके दादी हृदय मोहनी जी का जीवन संपूर्ण विश्व कल्याण के लिए था ।दादी जी बाल्यकाल से ही आध्यात्मिकता की ओर मुड़ गई और 8 वर्ष की आयु से संस्था में रहते हुए अपना लौकिक पढ़ाई करते हुए अपने आध्यात्मिक जीवन को बहुत ऊंचाई तक ले गये।परमात्मा शिव के सर्वगुणों को स्वयं में धारण कर अपने जीवन को गुणवान बनाकर विश्व में लगभग 100 देश की यात्रा कर पूरे विश्व में परमात्मा शिव का सत्य संदेश दिए और समस्त मानव को शांति, प्रेम और सहनशीलता का पाठ पढ़ाई ।दादी जी के प्रति हम सभी बीके भाई बहनों का अगाध प्रेम है और सदा रहेगा उनके पद चिन्हों पर चलकर सच्ची श्रद्धांजलि मनाते रहेंगे।
कार्यक्रम में बीके रीना सहित सभी भाई बहनों ने दादी जी को पुष्प अर्पित कर,दादी जी के समान बनने का दृढ़ संकल्प किया और सभी ने भोग प्राप्त कर दादी जी को प्यार से याद किया सेवा केंद्र में आने वाले भाई बहनें अपने जीवन में सद्गुणों को अपनाने का दृढ़ संकल्प किया।
Leave a comment