रांची। परिसीमन के मुद्दे को लेकर झारखंड में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 30 अगस्त को रांची में आदिवासी महाजुटान का आयोजन किए जाने की घोषणा की गई है। इस कार्यक्रम को लेकर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने आदिवासी समाज से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
बंधु तिर्की ने कहा कि परिसीमन के मुद्दे पर आदिवासी समाज को अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को अपने अधिकारों और हितों से जुड़े मुद्दों पर जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि 30 अगस्त को होने वाला महाजुटान आदिवासी समाज की एकजुटता और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में रांची पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
आयोजकों के अनुसार, महाजुटान में परिसीमन से जुड़े संभावित प्रभावों और आदिवासी समाज के अधिकारों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम के जरिए सरकार और संबंधित संस्थाओं तक अपनी मांग और चिंताएं पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
बंधु तिर्की ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया।
30 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और आदिवासी प्रतिनिधियों के बीच तैयारी तेज हो गई है। आयोजकों का दावा है कि इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
महाजुटान को लेकर रांची में राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ने की संभावना है। अब 30 अगस्त को होने वाले इस कार्यक्रम में कितनी संख्या में लोग जुटते हैं और सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।
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