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हज़ारीबाग़ रामनवमी के इतिहास पर दो पुस्तकें विजय शंखनाद द्वारा होगी प्रकाशित

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Khabar365news

हज़ारीबाग़ द्वारा मधुवन धर्मशाला में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ हिंतेंद्र अनुपम, अध्यक्ष अमरदीप यादव और सचिव आदित्य नारायण कुशवाहा ने संयुक्त रूप से कहा कि विजय शंखनाद द्वारा 19 मार्च 2023 (रविवार) को एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है जो हजारीबाग की सांस्कृतिक इतिहास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। विजय शंखनाद संस्था द्वारा पहली बार हजारीबाग की रामनवमी को झारखंड के राजकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने के लिए 27 फरवरी 2022 को शुरुआत की गई थी। इसके लिए संस्था सतत चिंतनशील एवं प्रयत्नशील है।इसी परिप्रेक्ष्य में संस्था द्वारा हजारीबाग की इंटरनेशनल रामनवमी के ऐतिहासिक सांस्कृतिक महत्व को दर्शाते हुए दो पुस्तकों को व्यापक प्रकाशन का संकल्प लिया गया है इसके माध्यम से हजारीबाग की रामनवमी से जुड़े समग्र तथ्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर संकलित, प्रचारित एवं प्रसारित करने की योजना है।
पहली पुस्तक “The Legacy of Hazaribag Ramnavmi”(द लिगेसी ऑफ हजारीबाग रामनवमी) के नाम से अंग्रेजी में भाषा मे प्रकाशित होगी जिसका स्वरूप एक Coffee Table Book के रूप में होगा। इसका उद्देश्य 1925 से चली आ रही है हजारीबाग की भव्य रामनवमी के Historical Legacy, Cultural Milieu, Socio-Economic Significance, A Platform for Revival of Spiritual Nationalism इत्यादि खंडों में विवेचित होगा। इसके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पटल पर पाठकों का ध्यान आकर्षण किया जाना अपेक्षित है।
दूसरी पुस्तक “हजारीबाग की रामनवमी-हिंदू संस्कृति का गौरव महोत्सव” जो हिंदी भाषा में लोक जागृति और नैष्ठिक जनसमर्थन की अपेक्षा से प्रस्तुत की जाएगी। जिसमें हजारीबाग रामनवमी का ऐतिहासिक सांस्कृतिक, सामाजिक आर्थिक महत्व का विषद विश्लेषण किया जाएगा। एवं आध्यात्मिक लौकिक सांस्कृतिक जागरण में इस महोत्सव की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला जाएगा।
पुस्तक के लेखक का परिचय:- डॉक्टर हिंतेंद्र अनुपम विनोबा भावे विश्विद्यालय इतिहास विभाग का प्रदेश सहायक प्राध्यापक है। इनके अनुवाद “प्राचीन दिल्ली” का प्रकाशन ओरियंट ब्लैकस्वान पब्लिकेशन तथा प्राचीन एवं पूर्व मध्ययुगीन भारतीय इतिहास का प्रकाशन पियर्सन प्रेस द्वारा किया गया है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक हैं। भारतीय इतिहास एवं संस्कृति के विभिन्न विषयों पर शोध पत्र इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस तथा एंथ्रोपॉलजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया इत्यादि द्वारा प्रकाशित होते रहे हैं।
सह लेखक-बुद्ध प्रिय मौर्य आदित्य विभावि में इतिहास विभाग में शोधार्थी हैं
सह लेखक अमरदीप यादव विभावि में वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग में शोधार्थी है।
हजारीबाग के सभी अखाड़ों/समितियों/लाइसेंस धारियों(पूर्व एवं वर्तमान) महासमिति के पूर्व अध्यक्ष एवं उनकी समितियों के सदस्यगणों, धार्मिक संगठनों मीडियाकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं आमजनों से अपील है कि हजारीबाग रामनवमी से जुड़े संस्मरण, फोटो दस्तावेज (सरकारी व गैर सरकारी) ऑडियो-वीडियो आदि देकर पुस्तक संकलन/लेखन/प्रकाशन में सहयोग करें। इस पुस्तक का विमोचन रामनवमी महापर्व 2025 में होगा। अगले 2 वर्षों तक इसका संकलन एवं संपादन कार्य होगा, संकलन कार्य में विजय शंखनाद संस्था के सभी सदस्य योगदान देंगे।
प्रेस वार्ता में अजीत गुप्ता, सूरज अग्रवाल, भारतदेशम अग्रवाल, रामचंद्र राम उर्फ पप्पू, चंद्रदीप यादव, कैलाश साव, अनूप यादव, राहुल यादव, दिव्यदीप यादव, सुबोध सिंह आदि मौजूद थे।

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