जयपुर। राजस्थान विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश किया गया है। प्रस्तावित विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए रजिस्ट्रेशन से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।
विधेयक के तहत लिव-इन संबंध में रहने वाले वयस्क जोड़ों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने संबंध की जानकारी दर्ज कराने का प्रावधान प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य ऐसे संबंधों से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया को स्पष्ट करना बताया गया है।
प्रस्तावित कानून में लिव-इन संबंधों से जुड़े अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर भी प्रावधान किए जाने की बात कही गई है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और संबंधित प्राधिकरण से जुड़े नियम विधेयक में निर्धारित किए जा सकते हैं।
विधेयक विधानसभा में पेश होने के बाद अब इस पर चर्चा और आगे की विधायी प्रक्रिया होगी। सदन में बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से इसके विभिन्न प्रावधानों पर अपनी राय रखे जाने की संभावना है।
UCC का उद्देश्य व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े विभिन्न प्रावधानों में एकरूपता लाना है। राजस्थान में प्रस्तावित विधेयक के बाद लिव-इन संबंधों को लेकर कानूनी और सामाजिक बहस भी तेज होने की संभावना है।
हालांकि, विधेयक पेश होना कानून बनने के बराबर नहीं है। इसके लागू होने से पहले विधानसभा में चर्चा, संशोधन और पारित होने सहित निर्धारित विधायी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अब सभी की नजर विधानसभा में होने वाली चर्चा और विधेयक के अंतिम स्वरूप पर है।
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