BreakingJharkhand

जब मुख्य सचिव ने लिख दिया, जांच होनी चाहिए कि कैसे आईएएस बना

Share
Share
Khabar365news

सचिवालय के सच का यह बेजोड़ उदाहरण है। अविभाजित बिहार के समय आईएएस बने उस अधिकारी की चर्चा पटना सचिवालय से लेकर झारखंड सचिवालय में आज भी होती है। यह आईएएस अधिकारी खुद अपने लिखे को भी शुद्ध शुद्ध नहीं पढ़ पाता था। किसी फाइल पर अपनी टिप्पणी को लिखने के तत्काल बाद उसे फाड़ देता था। उसके बाद फिर लिखता और फाड़ता था। इस अधिकारी का फाइल पर लिखना और फाड़ना आदत सी बन गयी थी। हालांकि साथ में काम करनेवाले अधिकारी और कर्मचारी बताते थे कि कहीं न कहीं ज्ञान और भाषा की कमी, ऐसा करने को उस अधिकारी को विवश करता था। सहकर्मी काफी परेशान रहा करते थे। जिस विभाग में उस आईएएस अधिकारी की पोस्टिंग होती उसका मंत्री अपना माथा पीट लेता था। यही कारण बताया जाता है कि अविभाजित बिहार के समय चर्चित चीफ सेक्रेट्री रहे एसएन विश्वास ने एक बार फाइल पर टिप्पणी कर दी थी कि यह जांच का विषय है कि यह अधिकारी कैसे यूपीएससी कंपीट किया। कैसे आईएएस बन गया।

बिहार का बंटवारा होने के बाद जब झारखंड अलग राज्य बना तो इस चर्चित आईएएस की सेवा झारखंड को दे दी गयी। 1983 बैच के इस आईएएस अधिकारी को झारखंड कैडर मिला। वर्ष 2000 में झारखंड की सेवा में आने के बाद कुछ इन्हीं कारणों से इस आईएएस अधिकारी को कभी प्राइम पोस्टिंग नहीं मिली। इसके पीछे का कारण उनकी अल्पज्ञता रही। उनके वर्किंग स्टाइल और सरकारी काम-काज के बारे में जानकारी पर एक और चीफ सेक्रेट्री ने उन्हें हिदायत दे दी थी। तुम या तो फाइल आने से पहले आना या बाद में आना। तुम फाइल के साथ कभी मेरे पास नहीं आना। क्योंकि फाइल पर उनके द्वारा लिखी गयी टिप्पणी को ऊपर के अधिकारी समझ ही नहीं पाते थे और उस पर वह बहस करने लगते थे।

अल्पज्ञता की एक और कहानी उस समय चर्चित हुई थी, जब झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगा। सैयद सिब्ते रजी झारखंड के राज्यपाल थे। झारखंड के ही मुख्य सचिव रहे जी कृष्णन को राज्यपाल का सलाहकार बनाया गया। उस समय यह अधिकारी मुख्य सचिव रैंक तक प्रमोट हो चुका था। उनकी पोस्टिंग मेंबर बोर्ड ऑफ रेवेन्यु के पद पर थी। क्योंकि मेंबर बोर्ड ऑफ रेवेन्यु का पद किसी चीफ सेक्रेट्री रैंक के अधिकारी के लिए चिह्नित है। इस पद पर रहते हुए उन्होंने राष्ट्रपति शासन में सलाहकार बने जी कृष्णन को पत्र लिख दिया कि उनकी प्राइम पोस्टिंग की जाए। वर्तमान पद से वह संतुष्ट नहीं हैं। यह अनूठा उदाहरण बना जिसमें कोई आईएएस अधिकारी अपनी प्राइम पोस्टिंग के लिए लिखित में आग्रह किया हो। जी हां, सचिवालय के इस सच के अंत में अब यह बता देना आवश्यक हो गया है कि वह अधिकारी कौन था। जी हां उस अधिकारी का नाम विष्णु कुमार था, जो 30 अप्रैल 2016 को मुख्य सचिव रैंक से सेवानिवृत हुए। उसके बाद वे फिर कभी ब्यूरोक्रेसी या पॉलिटिकल सर्किल में चर्चा में नहीं रहे।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Categories

Calender

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  







Related Articles
BreakingJharkhandझारखंडब्रेकिंगरांची

जयराम-थाना प्रभारी विवाद पर शैलेंद्र महतो का सवाल,

Khabar365newsरांची। जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी से जुड़े विवाद को लेकर...

BreakingJharkhandRanchiझारखंडब्रेकिंगरांची

परीक्षा धांधली केस में विशेष अदालत गठित, हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

Khabar365newsरांची। परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट के...

BokaroBreakingJharkhandझारखंडबोकारोब्रेकिंग

बोकारो में खड़े ट्रक से टकराई बाइक, युवक की मौत; 2 गंभीर

Khabar365newsबोकारो। जिले में बारिश और अंधेरे के बीच एक दर्दनाक सड़क हादसा...

BreakingJharkhandझारखंडब्रेकिंगरांची

रांची में देर रात पुलिस की सख्ती, जगह-जगह चला चेकिंग अभियान

Khabar365newsरांची। अपराध पर रोकथाम और सड़क सुरक्षा को लेकर रांची पुलिस ने...