
हजारीबाग, 6 अक्टूबर 2026। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन, हजारीबाग के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को सदर विधानसभा हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद से मुलाकात कर जनवितरण प्रणाली के डीलरों की विभिन्न गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में फेयर प्राइस डीलरों की महत्वपूर्ण भूमिका है, बावजूद इसके उन्हें आज भी बेहद कम कमीशन मिल रहा है।
फेडरेशन ने विधायक को बताया कि वर्तमान महंगाई के दौर में डीलरों को मात्र 1.50 रुपये प्रति किलो कमीशन मिल रहा है, जिससे दुकान का किराया, बिजली बिल, सहायक की मजदूरी सहित अन्य खर्चों का वहन करना मुश्किल हो गया है। फेडरेशन ने सरकार से कमीशन बढ़ाकर 3 रुपये प्रति किलो करने के साथ-साथ डीलरों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि देने की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल ने डीलरों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी गंभीरता से उठाते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधा के अभाव में प्रदेश के कई डीलर परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा डीलरों को अबुआ स्वास्थ्य चिकित्सा योजना का लाभ देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इसे धरातल पर लागू नहीं किया गया है।
इसके अलावा फेडरेशन ने गरीब परिवारों को 7 किलो खाद्यान्न उपलब्ध कराने की घोषणा को भी लागू करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि डीलरों की समस्याओं का समाधान होने से ही जनवितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं सुचारू बनाया जा सकेगा।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रतिनिधिमंडल की सभी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा आश्वस्त किया कि विधानसभा के आगामी सत्र के दौरान डीलरों से जुड़ी इन सभी महत्वपूर्ण समस्याओं को विधानसभा के पटल पर निश्चित रूप से रखने का प्रयास करेंगे। विधायक के आश्वासन से फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक पहल करेगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश सचिव सुनील कुमार सिन्हा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राम प्रकाश वर्मा, अरुण राणा, दिलीप पासवान, धनेश्वर महतो, भोला सिंह एवं खुर्शीद आलम सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान फेडरेशन के जिलाध्यक्ष सह प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नंदू प्रसाद ने डीलरों की समस्याओं को मजबूती से उठाते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की।
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