पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लोगों से की जागरूक होने की अपील
रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
सूचना का अधिकार दिवस के अवसर पर सम्पूर्ण शिक्षा जागरण मंच के सचिव रामेश्वर गोप ने आम नागरिकों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने तथा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार कानून लोकतंत्र को मजबूत बनाने, सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
रामेश्वर गोप ने कहा कि इस अधिनियम के तहत नागरिक सरकारी विभागों एवं सार्वजनिक संस्थानों से विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों, सरकारी खर्चों और प्रशासनिक निर्णयों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सामान्यतः सूचना उपलब्ध कराने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित है। वहीं, जीवन एवं स्वतंत्रता से संबंधित मामलों में 48 घंटे के भीतर सूचना देने का प्रावधान है। आवेदन शुल्क सामान्यतः 10 रुपये है, जबकि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के आवेदकों को नियमानुसार शुल्क से छूट दी गई है।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराने या बिना उचित कारण सूचना देने से इनकार करने पर संबंधित लोक सूचना अधिकारी के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके अंतर्गत प्रतिदिन 250 रुपये की दर से अधिकतम 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
रामेश्वर गोप ने आम जनता, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सूचना का अधिकार कानून का सदुपयोग करें। उन्होंने कहा कि जब नागरिक जागरूक होंगे, तभी प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी और एक पारदर्शी व्यवस्था का निर्माण संभव होगा।
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