
फर्जी नंबर प्लेट, बाइक बदल-बदलकर वारदात और रेकी के बाद छिनते थे सोना-चांदी व नकदी—27 ग्राम सोना समेत चोरी की 4 बाइक, 6 मोबाइल और 23 पुड़िया बरामद

हजारीबाग: जिले में लगातार छिनतई की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस के लिए चुनौती बने कोंढ़ा गैंग के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। पुलिस की रणनीति, तकनीकी साक्ष्य और त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप गैंग के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से करीब 27 ग्राम सोने के आभूषण, चोरी की चार मोटरसाइकिल, छह मोबाइल फोन, छह फर्जी नंबर प्लेट तथा 23 पुड़िया नशीला पदार्थ बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करते हुए वाहन बदल-बदलकर लोगों की रेकी करते थे। इसके बाद मौका देखकर सोने-चांदी के आभूषण तथा बैंक और पोस्ट ऑफिस से पैसे निकालकर लौट रहे लोगों को निशाना बनाया जाता था। गिरोह द्वारा बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में 100 से अधिक घटनाओं को अंजाम देने की बात सामने आई है।
झील के पास पुलिस ने बिछाया जाल, चार अपराधी बाइक समेत दबोचे गए

पुलिस अधीक्षक को 1 सितंबर को सूचना मिली कि पूर्व में छिनतई की कई घटनाओं को अंजाम देने वाला कोंढ़ा गिरोह फिर से शहरी क्षेत्र में सक्रिय है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रूपक कुमार के नेतृत्व में एंटी क्राइम चेकिंग एवं छापामारी टीम गठित की गई। इसमें शहरी क्षेत्र के विभिन्न थाना प्रभारियों को सशस्त्र बल के साथ शामिल किया गया।
इसी अभियान के दौरान हजारीबाग झील के आसपास एंटी क्राइम चेकिंग शुरू की गई। इसी बीच दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध पुलिस की नजर में आए। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा किए जाने पर दोनों बाइक सवारों ने एक साथ बाइक घुमाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन छापामारी टीम ने घेराबंदी कर चारों को मौके पर ही दबोच लिया।
पूछताछ में खुली अपराध की पूरी परत
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मिट्ठू यादव, रितिक कुमार यादव, सन्नी कुमार और अमन यादव के रूप में हुई। पूछताछ में सभी ने स्वयं को कोंढ़ा गैंग से जुड़ा बताया। पुलिस पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ कि अपराधी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर मोटरसाइकिल बदलते थे और रेकी के बाद छिनतई की घटनाओं को अंजाम देते थे।
पूछताछ के दौरान गैंग के अन्य सदस्यों और स्थानीय नेटवर्क के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। इसके आधार पर पुलिस ने चौपारण थाना क्षेत्र के मरहेड़ी गांव में अरशद खान, अजहर खान और अफसर खान के घर पर त्वरित छापेमारी की, जहां से चोरी की दो मोटरसाइकिल बरामद की गईं। वहीं साओन कुमार को गिरफ्तार कर पूर्व के कांड में छीने गए आभूषण भी बरामद किए गए।
इस पूरी कार्रवाई की सबसे बड़ी विशेषता रही हजारीबाग पुलिस के विभिन्न थाना क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई। लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा, कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार, चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार, कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक तथा सदर थाना के पु०अ०नि० सफीक खान सहित पूरी टीम ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।

लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा की भूमिका इस ऑपरेशन में विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर, एंटी क्राइम चेकिंग और मौके पर त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। झील क्षेत्र में चलाए गए अभियान में पुलिस की घेराबंदी और समन्वित कार्रवाई ने चार अपराधियों को बाइक समेत पकड़ने में अहम योगदान दिया।
कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने भी संयुक्त एंटी क्राइम अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। विभिन्न थाना क्षेत्रों से जुड़े अपराधियों के नेटवर्क पर कार्रवाई में उनका सहयोग पुलिस की संयुक्त रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार की भूमिका इसलिए अहम रही क्योंकि पूछताछ में गिरोह के स्थानीय नेटवर्क का कनेक्शन चौपारण क्षेत्र तक सामने आया। इसके बाद मरहेड़ी गांव में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए लाया और उनके घरों से दो मोटरसाइकिल बरामद कीं।
कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक ने भी छापामारी टीम में शामिल होकर संयुक्त अभियान को मजबूती दी। अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अपराधियों और उनके नेटवर्क पर एक साथ कार्रवाई करने की पुलिस रणनीति में उनकी सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही।

सदर थाना के पु०अ०नि० सफीक खान ने भी छापामारी दल का हिस्सा बनकर कार्रवाई को प्रभावी बनाने में योगदान दिया। तकनीकी साक्ष्य, परिस्थितिजन्य जानकारी और पुलिस बल के समन्वित इस्तेमाल से अपराधियों की घेराबंदी और गिरफ्तारी संभव हुई।
पुलिस की सक्रियता ने अपराधियों की बदलती रणनीति को किया ध्वस्त
कोंढ़ा गैंग जिस तरीके से फर्जी नंबर प्लेट, अलग-अलग मोटरसाइकिल और रेकी का इस्तेमाल कर वारदात करता था, उससे निपटने के लिए हजारीबाग पुलिस ने भी उसी स्तर की रणनीतिक पुलिसिंग दिखाई। एक सूचना पर तत्काल एंटी क्राइम चेकिंग, संदिग्ध वाहनों की निगरानी, घेराबंदी और फिर पूछताछ से मिले इनपुट पर दूसरे ठिकानों पर छापेमारी—इस पूरी कार्रवाई ने हजारीबाग पुलिस की सक्रिय, समन्वित और परिणाम आधारित पुलिसिंग को सामने रखा है।
गिरफ्तार अपराधियों में कई के पूर्व आपराधिक इतिहास की भी जानकारी सामने आई है। अमन यादव पूर्व में मोटरसाइकिल चोरी एवं छिनतई के मामलों में जेल जा चुका है, जबकि सन्नी कुमार भी मोटरसाइकिल चोरी के मामले में जेल जा चुका है।
बरामदगी ने खोली गैंग की पूरी कहानी
करीब 27 ग्राम सोने के आभूषण
चोरी की 4 मोटरसाइकिल
6 मोबाइल फोन
6 फर्जी नंबर प्लेट
23 पुड़िया नशीला पदार्थ
यह कार्रवाई सिर्फ आठ अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि पुलिस की पूछताछ से गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके स्थानीय नेटवर्क की परतें भी खुली हैं।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रूपक कुमार के नेतृत्व में गठित छापामारी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर अरमानुल हक, सदर थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार, कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक, लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा, चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार, कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार, लोहसिंघना थाना के पु०अ०नि० नितीश कुमार सिंह, पु०अ०नि० निलेश कुमार रंजन, कोर्रा थाना के पु०अ०नि० पुण्णू यादव, पु०अ०नि० महेश पासवान, पु०अ०नि० राहुल कुमार, सदर थाना के पु०अ०नि० सफीक खान एवं पु०अ०नि० सोनू कुमार, बरही थाना के पु०अ०नि० सुशील कुमार तथा लोहसिंघना थाना के स०अ०नि० काशीनाथ सिंह सहित तकनीकी शाखा के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी तथा थाना सशस्त्र बल शामिल रहे। सभी ने आपसी बेहतर समन्वय, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए कोंढ़ा गैंग के अपराधियों तक पहुंचने और उन्हें गिरफ्तार करने में अहम योगदान दिया।
हजारीबाग पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है—शहर में अपराध की योजना बनाने वाले अपराधी चाहे जितनी चालाकी से नेटवर्क चलाएं, पुलिस की पैनी नजर और संयुक्त कार्रवाई से बच नहीं सकते।
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