
हजारीबाग। जिला परिवहन कार्यालय और यातायात पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों पर संयुक्त वाहन जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा टीम पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतरी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को रोककर उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।
इस विशेष अभियान की अगुवाई यातायात थाना प्रभारी अनूप कुमार ने की। उनकी सख्त निगरानी और सक्रिय भूमिका के चलते पूरे अभियान को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित किया गया। वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कांति के मार्गदर्शन में परिवहन विभाग की टीम ने भी अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अभियान की मुख्य बातें इस प्रकार रहीं —
काउंसलिंग और शिक्षा:
पकड़े गए वाहन चालकों पर केवल जुर्माना लगाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी गई, बल्कि उनकी मौके पर काउंसलिंग की गई और उन्हें सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया।
पंपलेट वितरण:
चालकों को यातायात नियम, सड़क संकेत और सुरक्षित ड्राइविंग से संबंधित जागरूकता पंपलेट वितरित किए गए, ताकि वे नियमों का पालन कर खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।
गुड सेमेरिटन (नेक मददगार) कानून की जानकारी:
टीम द्वारा विशेष रूप से ‘गुड सेमेरिटन’ कानून के बारे में बताया गया। चालकों को समझाया गया कि सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले व्यक्ति को पुलिस या कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ते, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित और संरक्षण दिया जाता है।
मौके पर मौजूद रोड इंजीनियर एनालिस्ट (सड़क सुरक्षा) सारिक इकबाल ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना और दुर्घटना की स्थिति में घायलों को त्वरित सहायता सुनिश्चित करना है।
यातायात थाना प्रभारी अनूप कुमार ने कहा कि इस तरह के जागरूकता अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे ताकि हजारीबाग को सड़क दुर्घटनाओं से मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके। वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कांति ने आम लोगों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा अभियान में प्रशासन का सहयोग करें।
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