
कोरोना की तरह फैला अवैध लॉटरी का ज़हर, प्रशासन बना मूक दर्शक
पाकुड़ ब्यूरो | जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
हिरणपुर (पाकुड़): हिरणपुर प्रखंड आज एक ऐसे गंभीर संकट से गुजर रहा है, जहां कानून कागज़ों में सिमट गया है और अवैध लॉटरी माफिया सड़कों पर राज कर रहा है। जिस तरह कोरोना महामारी ने बिना सीमा और बिना रोक गांव-गांव को अपनी चपेट में लिया था, ठीक उसी तरह आज अवैध लॉटरी का कारोबार पूरे हिरणपुर क्षेत्र में फैल चुका है — हर चौक, हर मोड़ और हर गली में।
हैरानी की बात यह है कि यह गैरकानूनी धंधा अब न तो छिपता है, न डरता है। माफियाओं को न पुलिस का भय है और न ही प्रशासन का।
हर चौक पर एजेंट, हर गली में जुआ का अड्डा
सूत्रों के अनुसार इस अवैध लॉटरी नेटवर्क का संचालन बिट्टू भगत नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जिसने पूरे प्रखंड में एजेंटों का जाल बिछा रखा है।
डांगापाड़ा मोड़, तोड़ाई, मोहनपुर मोड़ जैसे व्यस्त इलाकों में दिन-दहाड़े लॉटरी के नंबर काटते एजेंट खुलेआम नजर आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह चाय के साथ लॉटरी शुरू होती है और रात के अंधेरे तक यह जुआ बेरोकटोक चलता रहता है। पान दुकानों, ठेलों और गुप्त ठिकानों से पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा है।
जल्द अमीर बनने का सपना, गरीबों की तबाही
इस अवैध कारोबार का सबसे बड़ा शिकार गरीब मजदूर, बेरोजगार युवा और सीमित आमदनी वाले परिवार बन रहे हैं।
जल्द अमीर बनने का झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई लूट ली जा रही है। कई घरों में आर्थिक तंगी, घरेलू कलह और मानसिक तनाव अब आम बात हो चुकी है।
युवा पीढ़ी खतरे में, भविष्य अंधेरे में
सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों का कहना है कि यदि यही हाल रहा, तो हिरणपुर की एक पूरी पीढ़ी जुआ, नशा और अपराध की राह पर चली जाएगी।
लॉटरी की लत युवाओं को पढ़ाई से दूर, रोजगार से बेपरवाह और जिम्मेदारियों से विमुख कर रही है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यही है
क्या प्रशासन को इस अवैध कारोबार की जानकारी नहीं है?
या फिर सब कुछ जानते हुए भी जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं?
जब अवैध लॉटरी खुलेआम सड़कों पर चल रही है, तब तक न कोई बड़ी छापेमारी, न कोई बड़ा खुलासा और न ही कोई चर्चित गिरफ्तारी सामने आई है। इसी चुप्पी ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है।
बिना संरक्षण नहीं पनप सकता इतना बड़ा नेटवर्क
सूत्र साफ तौर पर इशारा करते हैं कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध लॉटरी का कारोबार बिना किसी संरक्षण के संभव ही नहीं है। यही कारण है कि माफिया बेखौफ होकर कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं और पूरे प्रखंड में
अपने एजेंट तैनात किए हुए हैं।
जनता का अल्टीमेटम – अब नहीं तो कभी नहीं
हिरणपुर की जनता अब आर-पार के मूड में है। लोगों की साफ मांग है कि अवैध लॉटरी नेटवर्क को तुरंत ध्वस्त किया जाए, सरगनाओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और युवाओं का भविष्य बचाया जाए।
लोगों का कहना है कि अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इसके
सामाजिक दुष्परिणाम और भी भयावह होंगे।
अब सवाल सिर्फ इतना है
क्या प्रशासन नींद से जागेगा?
कब अवैध लॉटरी माफिया पर शिकंजा कसेगा?
या फिर हिरणपुर यूं ही कानूनविहीन अवैध धंधों की प्रयोगशाला बना रहेगा?
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