महाशिवरात्रि पर गोड्डा जिले में एक अनोखी प्रेम कहानी विवाह में बदल गई। परसा गांव में भगवान शिव को साक्षी मानकर एक युवक और युवती ने सात फेरे लिए। यह प्रेम-विवाह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि युवती कुछ समय पहले सबौर में अपनी मौसी के घर गई थी। वहीं उसकी मुलाकात एक युवक से हुई। शुरुआत में सामान्य परिचय हुआ, जो धीरे-धीरे दोस्ती में बदला और फिर दोनों के बीच प्रेम हो गया। करीब एक वर्ष से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे और साथ जीवन बिताने का मन बना चुके थे। महाशिवरात्रि के दिन दोनों परसा गांव में मिले। जब ग्रामीणों ने दोनों को साथ देखा तो कुछ देर के लिए गांव में हलचल मच गई। पूछताछ के दौरान युवक-युवती ने खुले तौर पर अपने प्रेम संबंध को स्वीकार किया और साथ जीवन बिताने की इच्छा जताई। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों के बीच बातचीत हुई।
माहौल शांत हुआ और अंततः सामाजिक सहमति से दोनों का विवाह कराने का निर्णय लिया गया। गांव के भयहरण स्थान मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। हर-हर महादेव के जयकारों के बीच वर-वधू ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। महाशिवरात्रि जैसे पावन दिन पर हुए इस विवाह को लोग भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद से जोड़कर देख रहे हैं। विवाह के बाद नवदंपती के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने इस अनोखे प्रेम-विवाह की सराहना करते हुए उन्हें सुखद, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रेम की यह कहानी अब क्षेत्र में लंबे समय तक मिसाल के रूप में याद की जाएगी।
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