रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही ड्रग्स और नशाखोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच हेरोइन, ब्राउन शुगर सहित अन्य मादक पदार्थों का फैलता जाल समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है।
इसी संदर्भ में बड़कागांव के विधायक रोशन लाल चौधरी के अल्प सूचित प्रश्न संख्या 43 में सरकार को बताया है कि झारखंड में इन दिनों लगातार नशा का अवैध व्यापार जारी है जिस पर अभिलंब रोक लगाने की आवश्यकता है। तत्पश्चात विधायक रोशन लाल चौधरी के प्रश्नों के उत्तर में सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों और गिरफ्तारियों का विवरण इस प्रकार है
वर्ष दर्ज कांड। गिरफ्तारियां
2023 में 529 773,
2024 में 803 1062
और 2025 में 782 994
सरकार ने सदन को बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में दर्ज मामलों की संख्या में कमी आई है, जो पुलिस की बढ़ती सक्रियता और निरंतर चलाए जा रहे अभियानों का परिणाम है। वहीं हजारीबाग जिले में फरवरी 2026 तक केवल 17 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम हैं।
नशा मुक्ति के लिए उठाए गए प्रमुख कदम
राज्य में मादक पदार्थों के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अधिसूचना संख्या-4797 (दिनांक 30 नवंबर 2022) के माध्यम से एक विशेष एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
निगरानी और सूचना तंत्र किया गया मजबूत:
नशे से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए MANAS पोर्टल (https://ncbmanas.gov.in) और MANAS हेल्पलाइन नंबर 1933 को सक्रिय किया गया है, ताकि आम नागरिक भी गुप्त रूप से ड्रग तस्करी की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने तथा उन्हें नशे के चंगुल से बचाने के लिए राज्यभर में निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि झारखण्ड को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए ड्रग माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
विधायक ने कहा कि नशाखोरी के कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में ड्रग्स के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और इसमें शामिल तस्करों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
रोशन लाल चौधरी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा। अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर युवाओं को जागरूक करना होगा, ताकि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर हों।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दलदल से बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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