ग्रामीण युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता : कुलाधिपति संतोष चौबे
हजारीबाग। डिजिटल क्रांति के इस दौर में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से दुनिया की दिशा तय कर रहा है, वहीं आईसेक्ट विश्वविद्यालय की ओर से शुरू किया गया एआई मिशन देश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरेगा। उक्त बातें आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने कही। उन्होंने कहा कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और डिजिटल स्किल्स में प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना है। कुलाधिपति ने कहा कि आज दुनिया तेजी से एआई आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी है कि देश के युवा, विशेषकर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र, इस बदलाव का हिस्सा बनें और तकनीकी रूप से सशक्त हों। उन्होंने बताया कि एआई मिशन के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, सर्टिफिकेशन कोर्स और प्रैक्टिकल लर्निंग मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, ताकि छात्र सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल भी हासिल कर सकें। इसके साथ ही इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर भी विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे।
एआई कौशल रथ के माध्यम से गांव-गांव पहुंचेगी एआई साक्षरता
आम लोगों और ग्रामीण युवाओं तक एआई की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आईसेक्ट विश्वविद्यालय की ओर से जल्द ही एआई कौशल रथ की शुरुआत की जाएगी। यह रथ विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को एआई साक्षरता, डिजिटल स्किल्स और नई तकनीकों की जानकारी देगा। इसके माध्यम से न केवल जागरूकता फैलाई जाएगी, बल्कि मौके पर ही प्रशिक्षण की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
स्कूल-कॉलेज स्तर से ही तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
एआई साक्षरता मिशन के तहत स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, जिन्हें आगे चलकर डिप्लोमा कोर्स में विकसित किया जाएगा। इससे छात्रों को शुरुआती स्तर से ही तकनीकी शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे।
समावेशी विकास के लिए सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी
महिलाओं और वंचित वर्गों की भागीदारी पर जोर देते हुए संतोष चौबे ने कहा कि समावेशी विकास के बिना डिजिटल इंडिया का सपना अधूरा है। इसलिए इस मिशन में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि समाज के हर तबके को समान अवसर मिल सके।
एआई मिशन को देशव्यापी अभियान बनाया जाएगा
उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में एआई मिशन को देशव्यापी अभियान के रूप में विस्तारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवा इससे जुड़ सकें और भारत वैश्विक स्तर पर तकनीकी नेतृत्व की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सके। यह पहल शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाली साबित हो सकती है।
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