चतरा सदर अस्पताल में अवैध वसूली के आरोपों के बीच पोस्टमार्टम कर्मियों के फरार हो जाने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामला तब सामने आया जब भजन गांव में मां-बेटी की मौत के बाद उनके पोस्टमार्टम के लिए कथित तौर पर 5000 रुपये की मांग की गई। आरोपों के तूल पकड़ते ही जांच के डर से संबंधित कर्मी अस्पताल छोड़कर गायब हो गए, जिससे शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई।
कर्मियों के अचानक गायब हो जाने का सबसे ज्यादा असर उन परिजनों पर पड़ा, जो अपने मृतक परिजनों का पोस्टमार्टम कराने अस्पताल पहुंचे थे। रोजगार सेवक राजेश शर्मा का शव लेकर आए परिजन सुबह से दोपहर तक इंतजार करते रहे, लेकिन कोई भी कर्मचारी आगे नहीं आया। मजबूर होकर परिजनों ने कर्मियों के घर तक जाकर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मिले। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने का फैसला लिया।
संकट की इस घड़ी में अस्पताल की सफाईकर्मी ममता देवी ने आगे आकर जिम्मेदारी संभाली। कोरोना काल में अपने कार्य के लिए पहचान बना चुकी ममता ने बिना झिझक दो शवों का पोस्टमार्टम किया एक राजेश शर्मा और दूसरा लावालौंग से आए युवक का। ममता ने कहा कि लोगों की मदद करना उन्हें सुकून देता है। अस्पताल प्रशासन ने उनके इस कदम को सराहनीय बताते हुए उन्हें आउटसोर्सिंग के आधार पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
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