जिले की शैक्षणिक व्यवस्था और आवासीय विद्यालयों में मिल रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए उपायुक्त आलोक कुमार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। देर शाम उपायुक्त ने परियोजना निदेशक ITDA, जुगनू मिंज के साथ कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम आवासीय विद्यालय, जामताड़ा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में कई गंभीर खामियां पाई गईं, जिस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित एजेंसी और प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा है।
उपायुक्त ने बारीकी से जांचीं मूलभूत समस्या
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, शैक्षणिक स्तर और छात्राओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने क्लास रूम, लाइब्रेरी, मेस, किचन, स्टोर रूम, प्ले ग्राउंड और ऑडिटोरियम का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही शिक्षकों की उपस्थिति पंजी और पठन-पाठन की गुणवत्ता की भी जांच की। जांच के क्रम में स्टोर रूम और किचन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। उपायुक्त ने पाया कि छात्राओं को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है।
सबसे गंभीर लापरवाही स्टोर रूम में दिखी, जहां रखी कुछ खाद्य सामग्रियों पर एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं थी। इसे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए उपायुक्त ने विद्यालय संचालक एजेंसी और प्राचार्य को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया।
छात्राओं का दर्द सुनने को स्टाफ को बाहर भेजा
निरीक्षण के दौरान एक भावुक और संवेदनशील क्षण तब आया जब उपायुक्त प्ले ग्राउंड में छात्राओं से बात करने पहुंचे। उन्होंने देखा कि शिक्षक और प्राचार्य की मौजूदगी के कारण बच्चियां अपनी समस्याएं बताने में झिझक रही हैं। संवेदनशीलता दिखाते हुए उपायुक्त ने तुरंत सभी स्टाफ को वहां से जाने को कहा। छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, “मैं खुद हॉस्टल में रहकर पढ़ा हूं, इसलिए आपकी चुनौतियों को समझता हूं। आप बेझिझक अपनी समस्याएं बताएं, मन लगाकर पढ़ें और जीवन में आगे बढ़ें।” इसके बाद छात्राओं ने क्लास रूम में उपायुक्त के समक्ष खुलकर अपनी समस्याएं रखीं।
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