
हजारीबाग: जिले में संगठित अपराध और रंगदारी तंत्र के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत लोहसिंघना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। राहुल दुबे गैंग के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और तत्परता की जमकर चर्चा हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, 22 मई 2026 की शाम पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ग्राम रोतरा के आसपास राहुल दुबे गैंग के सदस्य इकट्ठा हुए हैं और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद के नेतृत्व में विशेष एसआईटी टीम का गठन किया गया।
इसके बाद लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा की सक्रिय निगरानी और टीम की तेज रणनीति के तहत नगर निगम डंपिंग यार्ड के समीप ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जहां से राहुल दुबे गैंग के सक्रिय सदस्य जियाउल रहमान उर्फ मोजम्मिल (25) को दबोच लिया गया। आरोपी पेलावल के आजाद नगर का निवासी बताया जा रहा है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक पिस्टल, मैग्जीन, दो जिंदा कारतूस, पांच खोखा और एक मोबाइल फोन बरामद किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बानादाग रेलवे साइडिंग क्षेत्र में लेवी वसूली और दहशत फैलाने के मकसद से फायरिंग की योजना में शामिल था।
लोहसिंघना थाना में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि राहुल दुबे गैंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। अपराध नियंत्रण, त्वरित सूचना संकलन और समय पर कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि अपराधियों के लिए क्षेत्र में अब बच निकलना आसान नहीं होगा। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।
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