नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका अश्लील वीडियो बनाने और उसे वायरल करने के मामले में जामताड़ा कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद मुस्तकीम अंसारी को 5 साल की जेल के सजा सुनाई है. इसके अलावा अलग-अलग धारों में 42 हजार का जुर्माना भी लगाय गया. जुर्माना नहीं देने पर आरोपी को 6 महीने 15 दिन की अतरिक्त सजा काटनी होगी. जिला जज प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों को सुनने के बाद यह फैसल सुनाया. न्यायालय ने दोषी को BNS की धारा 292, POCSO एक्ट, आईटी एक्ट की धारा 67बी के तहत सजा सुनाई. अदालत के आदेश के मुताबिक, ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेकर मंडल कारा भेज दिया गया.
12 से 14 वर्षीय नाबालिग का बनाता था अश्लील वीडियो
नारायणपुर थाना कांड संख्या 9/2024 से जुड़ा हुआ है. घटना 14 जनवरी 2024 की है, जब तत्कालीन थाना प्रभारी दिलीप कुमार को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी अपने घर में बच्चों के अश्लील वीडियो बना रहा है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुस्तकीम अंसारी के घर पर छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया. जब मोबाइल को खुलवाकर उसकी जांच की गई, तो उसमें 12 से 14 वर्ष की नाबालिग बच्चियों के अश्लील वीडियो बरामद हुए.
वीडियो कॉल के जरिए फंसाता था आरोपी
पुलिस जांच और आरोपों के अनुसार, मुस्तकीम अंसारी नाबालिग लड़कियों को पहले अपनी बातों में बहलाता-फुसलाता था और फिर वीडियो कॉल के जरिए उनके आश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था. इसके बाद वह इन वीडियो को इंटरनेट पर वायरल भी करता था. इस संवेदनशील मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल सात गवाहों का परीक्षण कराया गया. गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया.
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