हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र के कुद वार्ड नंबर 24 से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार देर रात एक घर के सेफ्टी टैंक में जहरीली गैस फैलने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि परिवार का मुखिया गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। मृतकों में मां, बेटा और चाचा शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घर के सेफ्टी टैंक का इस्तेमाल अवैध महुआ शराब की चुलाई और भंडारण के लिए किया जा रहा था। लंबे समय से टैंक के अंदर शराब रखे जाने के कारण उसमें जहरीली गैस भर गई थी और टैंक पूरी तरह ऑक्सीजन विहीन हो चुका था। बताया जा रहा है कि चमेली देवी टैंक से महुआ शराब निकालने के लिए नीचे उतरी थीं। अंदर पहुंचते ही वह जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गईं। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उनका 20 वर्षीय बेटा रवि साव मां को बचाने के लिए टैंक में उतरा, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आ गया। इसके बाद मदन साव दोनों को बचाने नीचे गए, मगर कुछ ही मिनटों में वह भी बेहोश होकर गिर पड़े। देखते ही देखते सेफ्टी टैंक एक ही परिवार के लिए मौत का कुआं बन गया। अपनों को बचाने की कोशिश में परिवार के मुखिया आनंद साव भी टैंक में उतरे, लेकिन जहरीली गैस के असर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया और गंभीर हालत में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
अवैध शराब और कितनी जान लेगा?
घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी सरोज कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। वहीं, वार्ड नंबर 24 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दिलीप साव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके में अवैध शराब का यह खतरनाक खेल आखिर कैसे चल रहा था, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। गांव में सन्नाटा पसरा है और हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है — आखिर अवैध शराब का यह काला कारोबार और कितनी जान लेगा?
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