हजारीबाग के पेलावल दक्षिणी पंचायत भवन में मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली, जहां भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, रांची के तत्वावधान में दिव्यांग एवं असहाय वृद्धजनों के लिए सहायता वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचायत की मुखिया नूरजहां ने लगभग 150 दिव्यांग एवं जरूरतमंद वृद्धजनों के बीच बैसाखी और सहारा देने वाली छड़ियों का वितरण कर उनके जीवन को नई उम्मीद देने का कार्य किया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, बुजुर्ग, पंचायत प्रतिनिधि, वार्ड सदस्य एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैसाखी और छड़ी पाकर लाभुकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई वृद्धजनों और दिव्यांगों ने भावुक होकर कहा कि यह सहायता उनके दैनिक जीवन को आसान बनाने में काफी मददगार साबित होगी। लाभुकों ने समिति एवं पंचायत प्रतिनिधियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए किसी सहारे से कम नहीं हैं।
इस अवसर पर मुखिया नूरजहां ने कहा कि पंचायत के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समाज के दिव्यांग और बुजुर्ग लोगों की सेवा करना केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि इंसानियत का फर्ज भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी पंचायत में जरूरतमंद लोगों के लिए इस तरह के जनकल्याणकारी कार्य जारी रहेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मुखिया नूरजहां के कार्यों की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि वे पंचायत में विकास कार्यों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दे रही हैं। जरूरतमंदों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सक्रियता उन्हें आम जनप्रतिनिधियों से अलग पहचान दिला रही है। लोगों ने कहा कि जिस तरह उन्होंने दिव्यांग एवं वृद्धजनों की समस्याओं को समझते हुए सहायता उपलब्ध कराई, वह समाज के लिए प्रेरणादायक कदम है।
पेलावल दक्षिणी पंचायत भवन में आयोजित यह कार्यक्रम केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोग का मजबूत संदेश भी दे गया। मुखिया नूरजहां की इस पहल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जनप्रतिनिधि यदि सेवा भाव से काम करें तो जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
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