लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के कालाझोर के पास 22 अक्टूबर की शाम हुए सड़क हादसे में घायल हुई चार वर्षीय बच्ची सीमा मुर्मू ने गुरुवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसका इलाज पश्चिम बंगाल के जंगीपुर स्थित बासमती अस्पताल में चल रहा था। शुक्रवार सुबह जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया। दुख और आक्रोश से भरे ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे लिट्टीपाड़ा-अमड़ापाड़ा मुख्य सड़क पर सूरजबेड़ा के पास शव रखकर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीण मृतका के परिजन को मुआवजा देने और सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग पर अड़े थे।
सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय मुखिया और बीडीओ के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद बीडीओ के आदेश पर मृतका के परिजन को तत्काल 15 हजार रुपये की सहायता राशि देने और सड़क पर जल्द स्पीड ब्रेकर लगाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने शाम करीब चार बजे जाम समाप्त किया। लगभग ढाई घंटे तक चले इस सड़क जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि 22 अक्टूबर की रात सूरजबेड़ा गांव निवासी मिकाइल मुर्मू, उनकी पत्नी साजोनि बास्की और बेटी सीमा मुर्मू अमड़ापाड़ा के पाडेरकोला हटिया से घर लौट रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही पश्चिम बंगाल निवासी अली हमीम की बाइक से आमने-सामने टक्कर हो गई थी। इस हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ग्रामीणों की मदद से घायलों को लिट्टीपाड़ा लाया गया था, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान सीमा की मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता का इलाज अभी भी जारी है।
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