जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भालुबासा में बुधवार की देर रात एक रिहायशी मकान में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। भालुबासा जोबा मंदिर के पास स्थित इस घर में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस हादसे में घर के भीतर सो रहीं 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला शोभा मुखर्जी की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि छत पर पिंजरे में कैद एक पालतू तोता भी खुद को नहीं बचा सका और उसकी भी झुलसने से मौत हो गई।
घटना देर रात करीब 2:00 से 3:30 बजे के बीच की है। मृतका की बेटी शोवना मुखर्जी ने बताया कि वह और उनका बेटा बगल के कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी मां दूसरे कमरे में अकेली थीं। रात में जब जलने की गंध और मां की चीखें सुनाई दीं, तो वे तुरंत उठीं, लेकिन तब तक मां का कमरा आग के गोले में तब्दील हो चुका था। स्थानीय लोगों ने बाल्टी और पाइप की मदद से आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कोई भी कमरे के भीतर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
इस हादसे में राहत कार्य के दौरान संकरी गलियां सबसे बड़ी बाधा साबित हुईं। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर तो पहुंचीं, लेकिन रास्ता बेहद तंग होने के कारण वे घर से करीब 250 फीट दूर ही खड़ी रह गईं। दमकलकर्मियों को तीन बड़े पाइपों को आपस में जोड़कर पानी पहुंचाना पड़ा, जिसमें काफी कीमती समय बर्बाद हो गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 4 बजे आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बुजुर्ग महिला की जान जा चुकी थी और घर का सारा सामान जलकर राख हो चुका था।
सुबह जब आग पूरी तरह शांत हुई, तो घर के अंदर का मंजर देख हर किसी की रूह कांप गई। बिस्तर पर बुजुर्ग महिला का शव पड़ा था और पास ही बेजुबान तोते का पिंजरा। मृतका शोभा मुखर्जी के पति एनएमएल के पूर्व कर्मचारी थे। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन कर रही है।
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