नीति आयोग, भारत सरकार के सहयोग से ग्रामीण विकास विभाग (झारखंड सरकार) एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (JSLPS) द्वारा रांची में एक उच्च स्तरीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। “Strengthening of Rural and Tribal Livelihood through Sustainable Enterprise Development” विषय पर आधारित इस कार्यशाला में झारखंड के गारमेंट क्षेत्र के प्रमुख संगठन JRGA Foundation (A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand) ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर JRGA Foundation के अध्यक्ष अभिताभ श्रीवास्तव ने “Exploring New and Innovative Enterprises in Rural Jharkhand” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में विशिष्ट पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया। उन्होंने झारखंड के परिधान (Apparel), हैंडलूम, हर्नम-वर्तिका वयन (Weaving) तथा सिल्क आधारित उद्यमों की असीम संभावनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे ।
अभिताभ श्रीवास्तव ने इस दौरान कहा कि “झारखंड में रेशम, बुनकरी और परिधान उद्योग ग्रामीण एवं जनजातीय महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। JRGA फाउंडेशन एक सुविधा के रूप में कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे उत्पादकों को कौशल, बाज़ार और नीति-तंत्र से जोड़ने का कार्य कर रहा है।”
कार्यशाला में महिला-नेतृत्व वाले सफल उद्यमों पर चर्चा के दौरान अलीशा गौतम जैसे उभरते नामों के उदाहरण प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने स्थानीय संसाधनों और सिल्क-आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वरोज़गार एवं बाज़ार विस्तार का सफल मॉडल विकसित किया है। इस दौरान JRGA फाउंडेशन द्वारा यह भी रेखांकित किया गया कि संस्था महिला एवं जनजातीय उद्यमियों के लिए उद्यमिता परामर्श (Enterprise Mentoring), सिल्क, हथकरघा एवं परिधान क्लस्टरों के विकास तथा उन्हें बाजार संपर्क (Market Linkage) और थोक खरीदारों से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसके साथ ही, फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य ‘फॉरेस्ट टू फैशन’ (Forest to Fashion) मूल्य-श्रृंखला को सुदृढ़ बनाना है, ताकि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल सके।
कार्यक्रम में उपस्थित नीति-निर्माताओं एवं संस्थागत प्रतिनिधियों ने झारखंड में परिधान एवं रेशम उद्योग को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने के JRGA फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। JRGA फाउंडेशन ने विश्वास दिलाया कि इस राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला से झारखंड का परिधान एवं रेशम क्षेत्र रोज़गार सृजन, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में एक ठोस रूपरेखा प्राप्त करेगा।
Leave a comment