रामगढ़ । रामगढ़ जिले के हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था के कमी के कारण यहां कार्यरत मजदूर गोपी करमाली की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी के दौरान गोपी के पेट में अचानक तेज दर्द उठा, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने तत्काल अस्पताल भेजने के बजाय उसे घर छोड़ दिया। बाद में परिजन गंभीर हालत में उसे रांची के रिम्स लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद फैक्ट्री की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रबंधन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
परिजनों का कहना है कि यदि फैक्ट्री प्रबंधन समय रहते एंबुलेंस की व्यवस्था कर किसी सक्षम अस्पताल में भर्ती कराता, तो गोपी करमाली की जान बच सकती थी। इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत मजदूरों के लिए मेडिकल इमरजेंसी प्रोटोकॉल की हकीकत उजागर कर दी है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि कार्यस्थल पर अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और इलाज में देरी कई बार जानलेवा साबित होती है।
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