सफल ऑपरेशन से 45 वर्षीय महिला को मिली राहत
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सदर अस्पताल में एक और सफल शल्य चिकित्सा कर मरीज को नया जीवन मिला।
इसके जानकारी देते हुए अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद ने बताया कि गीता देवी, उम्र 45 वर्ष, पति श्री हीरा लाल महतो, ग्राम – तांतरी, प्रखंड तोपचांची की निवासी हैं। वे पिछले लगभग 6 माह से पेट में लगातार दर्द की समस्या से परेशान थीं। स्थानीय स्तर पर उपचार कराने के बावजूद उन्हें आराम नहीं मिल रहा था। साथ ही वे मानसिक रूप से भी चिंतित थीं क्योंकि उनकी माताजी का निधन पूर्व में ओवेरियन ट्यूमर के कारण हो चुका था।
इस बीच वे सदर अस्पताल में पदस्थापित स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार से परामर्श हेतु पहुँचीं। आवश्यक जांच के बाद अल्ट्रासाउंड में उनके पेट में ट्यूमर पाए जाने की पुष्टि हुई।
तत्पश्चात डॉ. संजीव कुमार के नेतृत्व में सफलतापूर्वक लैपरोटॉमी की गई। ऑपरेशन के दौरान पाया गया कि गाँठ बाईं ओवरी से उत्पन्न हुई थी। परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरीज का टोटल एब्डॉमिनल हिस्टरेक्टॉमी बाइलेटरल सैल्पिंगो-ओओफोरेक्टॉमी किया गया।
इसके बाद निकाले गए सैंपल को आगे की पैथोलॉजिकल जांच हेतु भेज दिया गया है। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य एवं संतोषजनक है। गीता देवी एवं उनके परिजनों ने सफल उपचार के लिए अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सा टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की शल्य चिकित्सा निजी अस्पताल में कराने पर लगभग 40,000 से 50,000 रुपये तक का खर्च आता है, किंतु आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत यह संपूर्ण उपचार निःशुल्क किया गया। सदर अस्पताल प्रबंधन द्वारा यह संदेश दिया गया है कि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अब लोगों को आर्थिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकारी योजनाओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराय है
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