रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
कटिया सरना स्थल काली मन्दीर परिसर में पीवीयूएन एल के विस्थापित- प्रभावित ग्रामीणों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता आदित्य नारायण प्रसाद तथा संचालन कौलेश्वर महतो व प्रदीप महतो ने संयुक्त रुप से किया। इस बैठक में कहा गया कि भारत देश का महारत्न कम्पनी एनटीपीसी का पीवीयूएन के रुप में यहां पदार्पण हुआ तो लगा कि अब बर्षो से लम्बित हमारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
परन्तु पूर्व पीटीपीएस में जिस प्रकार विस्थापित- प्रभावितों को ठगा और छला गया था, इस बार वैसा नहीं होगा। इसीलिए हमलोगों ने आगे बढ़कर इसका स्वागत किया।लेकिन धीरे-धीरे NTPC (PVUNL)अपने वास्तविक रुप दूसरा ईस्ट इण्डिया कम्पन के रुप में स्थापित हो गया। ईस्ट इंडिया कम्पनी के नक्शे-कदम पर ही फुट डालो, राज करो की नीति चला जा रहा है।
एक ओर रैयत विस्थापित प्रभावितों के साथ छल-धोखा विश्वासघात व दरकिनार करते हुए लगातार बाहरी आउटसोर्सीग एजेंसियों के माध्यम से मोटा रकम उगाही कर बाहरियों की बहाली जारी है । मजदूरों से 12 से 14 घंटा काम लेकर उन्हें न्यूनतम मजदूरी तो नहीं दिया जाता है,साथ में उनके कार्य दिवस को कम दिखाकर पीएफ भी कम जमा कर दिया जाता है ।
इसके विरोध में शीघ्र PMO के साथ केंद्रीय श्रम मंत्री को इसकी शिकायत की जाएगी।
कहा कि पुरे झारखण्ड में विभिन्न परियोजनाओं के विस्थापित- प्रभावितों की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है। झारखण्ड सरकार द्वारा विस्थापन आयोग के गठन की घोषणा पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया है। बैठक में मुख्य रूप से कुमेल उरांव, राजाराम प्रसाद, प्रिय नाथ मुखर्जी, मो० कयूम अंसारी आदि मौजूद थे।
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