लोहरदगा– विधालय सॉलिटेयर एजुकेशनल एकेडमी लोहरदगा में *रंगोली प्रतियोगिता , दीया मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ हमारे विद्यालय के प्राचार्य के संबोधन से हुआ।
विद्यालय के प्राचार्य श्री अभिनव भारती ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “लोकल फॉर वोकल” स्थानीय व्यवसायों, उत्पादों और उद्योगों को बढ़ावा देने और समर्थन करने का एक आह्वान है। यह आयातित या बड़े पैमाने पर उत्पादित विकल्पों पर स्थानीय रूप से प्राप्त और स्थानीय रूप से उत्पादित वस्तुओं को प्राथमिकता देने के महत्व पर जोर देता है। यह विचार हमारे राष्ट्र की आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय भलाई के लिए बहुत महत्व रखता है।

दीपावली प्रकाश का त्यौहार है , इसमें हम अपने घर तथा उसके आसपास के वातावरण को सुंदर तथा स्वच्छ बनाए रखें। किसी भी प्रकार के आतिशबाजी से बचें तथा अपने माता-पिता के धन का समुचित रूप से सदुपयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि अपने आसपास के गरीब बच्चों को दीपावली के उपहार स्वरूप मिठाई प्रदान करें ।
साथ ही साथ उन्होंने कहा कि दिवाली मनाने के पीछे पौराणिक कथाओं के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी है । इस समय बरसात के बाद जितने भी तरह के बैक्टीरिया ,वायरस या कीड़े मकोड़े जन्म लेते हैं जो खेतों से सीधे उड़कर हमारे घर या घर के आसपास अपना डेरा जमा लेते हैं उन तमाम तरह के कीड़े- मकोड़े ,सूक्ष्म जीव इत्यादि करंज तेल के दीपक के जलने से स्वतः वे सब जल कर समाप्त हो जाते हैं और हमारा वातावरण भी स्वच्छ हो जाता है।

कक्षा 1 से दसवीं तक के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत ही सुंदर एवं मनमोहक रंगोली का निर्माण कर विद्यालय के प्रांगण की सुंदरता में चार चांद लगा दिए। बहुत से विद्यार्थियों ने अपने हाथ से बने हुए दीये का प्रदर्शन भी किया।
कक्षा नर्सरी से यूकेजी तक के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत ही मनमोहक रूप से अपशिष्ट पदार्थ शिल्प का प्रदर्शन भी किया।
रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार नव्या ग्रुप द्वितीय पुरस्कार दिव्या ग्रुप एवं सृष्टि ग्रुप और तृतीय पुरस्कार वैश्णवी ग्रुप ने पाया।
दीप सज्जा प्रतियोगिता में
प्रथम पुरस्कार श्रेयश सोनी कक्षा 2 द्वितीय पुरस्कार नव्या और सृस्टि कुमारी कक्षा 6 और तृतीय पुरस्कार कुमार शौर्य और अनमोल कुमार महतो कक्षा 7 नें पाया।
मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद थे।

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