
रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
बृहस्पतिवार को पीबीयूएन एल पतरातू के मजदूरों ने मोदी सरकार द्वारा जो 44 श्रम कानून को बदलकर चार लेबर कोड 1 अप्रैल 2026 से लागू किया है उसके विरोध में पीवीयूएनएल पतरातू के मजदूरों ने ब्लैक डे काला दिवस के दिन मजदूर हड़ताल पर है एनटीपीसी मजदूर यूनियन एटक पतरातु मजदूरों के समर्थन में हमेशा से लड़ती आई है और आगे भी लड़ते रहेगी और इस हड़ताल का समर्थन करती है

आए दिन भेल के द्वारा संचालित कंपनियां मजदूरों का शोषण करती थी मजदूरों से 12 घंटा ड्यूटी लेती थी 15000 से 16000 रुपया ही सैलरी दिया जाता था यहा किसी प्रकार का सेफ्टी इक्विपमेंट भी नहीं दिया जाता था आए दिन मजदूरों के साथ में एजेंसियां और ठेकेदार मजदूरों से दुर्व्यवहार भी करते थे और अपनी सैलरी के लिए आए दिन हड़ताल करना पड़ता था मजदूरों ने आज अपना धैर्य खाया और पूरे पीवीयूएनएल को ठप कर दिया
एनटीपीसी मजदूर यूनियन प्रबंधक से मांग करती है कि मजदूरों की जितने भी समस्या हैं अविलम पूरा करें। नहीं तो वाले दिनों में एनटीपीसी मजदूर यूनियन एटक पतरातु बाध्य होकर आंदोलन करेगी जिसकी सारी जवाब दे। पीबीयूएनएल प्रबंधन की होगी। अभी हड़ताल पर गए हुए मजदूर और प्रबंधन से वार्ता चल रही है।
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