
हज़ारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल के अंतर्गत चुरचू प्रखंड के आंगो थाना क्षेत्र स्थित गोंदवार गाँव में 13 फरवरी 2026 की रात करीब 2 बजे जंगली हाथियों के हमले में 6 ग्रामीणों की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। इस हृदयविदारक घटना के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसी दिन प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत स्वरूप ₹25,000-₹25,000 की नगद सहायता प्रदान की थी।
22 फरवरी 2026 को नियमानुसार मृतक आश्रितों को मुआवजा राशि का औपचारिक भुगतान किया गया। इस अवसर पर मांडू विधानसभा के विधायक निर्मल महतो, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास कु. उज्जवल, दारू वन प्रक्षेत्र के वन क्षेत्र पदाधिकारी बिजय कुमार, जिला परिषद सदस्य बासुदेव करमाली तथा स्थानीय मुखिया सीतामुनी देवी की उपस्थिति में संयुक्त रूप से बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से राशि सौंपी गई। कार्यक्रम के दौरान शोक और संवेदना के बीच प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुआवजा राशि का विवरण:
आशा देवी (पति: स्व. धनेश्वर राम) – ₹3,75,000
सावित्री देवी (पति: स्व. सूरज राम) – ₹3,75,000
दीपक कुमार (स्व. सविता कुमारी, स्व. संजना कुमारी, स्व. अनुराग कुमार के आश्रित) – ₹11,25,000
बसंत कुमार (पत्नी: स्व. सुमन देवी) – ₹3,75,000
कुल मिलाकर लाखों की सहायता राशि मृतक आश्रितों को सौंपी गई, जिससे पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में आर्थिक संबल मिल सके।

सुरक्षा के लिए विशेष पहल
मानव-हाथी द्वंद की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने गोंदवार गाँव में मशाल, टॉर्च, पटाखा, कटे हुए टायर, डीजल एवं मोबिल आदि का वितरण किया है, ताकि हाथियों के आगमन की स्थिति में ग्रामीण सतर्क रहकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। साथ ही क्षेत्र में लगातार गश्ती, निगरानी और जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

वन विभाग ने प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ग्रामीणों से अपील की है कि जंगली हाथियों की गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग और जिला प्रशासन को दें तथा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
गोंदवार की यह घटना जहां एक ओर दर्द और क्षति की याद दिलाती है, वहीं प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और राहत पहल ने यह संदेश भी दिया है कि संकट की घड़ी में सरकार और विभाग पीड़ितों के साथ खड़े हैं।

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