गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जी.एम. इंटर महाविद्यालय, इचाक में गुरु शिष्य परंपरा पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व, उनके आदर्शों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनकी अमूल्य भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
महाविद्यालय प्रभारी पंकज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास तथा जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले मार्गदर्शक होते हैं। भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और गुरु पूर्णिमा हमें अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है। विद्यार्थियों ने गुरु के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए जिसमें प्रथम स्थान साक्षी कुमारी, द्वितीय स्थान मासूम कुमारी,और तृतीय स्थान संगम कुमारी ने प्राप्त किया। मंच संचालन शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने किया। इस संगोष्ठी को सफल बनाने में शिक्षक अजीत हांसदा, रवि कुमार महतो, संजीत कुमार यादव, संगम कुमारी, पार्वती कुमारी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जी.एम. इंटर महाविद्यालय, इचाक में गुरु शिष्य परंपरा पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व, उनके आदर्शों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनकी अमूल्य भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
महाविद्यालय प्रभारी पंकज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास तथा जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले मार्गदर्शक होते हैं। भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और गुरु पूर्णिमा हमें अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है। विद्यार्थियों ने गुरु के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए जिसमें प्रथम स्थान साक्षी कुमारी, द्वितीय स्थान मासूम कुमारी,और तृतीय स्थान संगम कुमारी ने प्राप्त किया। मंच संचालन शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने किया। इस संगोष्ठी को सफल बनाने में शिक्षक अजीत हांसदा, रवि कुमार महतो, संजीत कुमार यादव, संगम कुमारी, पार्वती कुमारी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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